रेलवे का बड़ा फैसला: 1 अगस्त से बदल गया तत्काल टिकट बुकिंग का नियम! बिना टोकन नहीं मिलेगी टिकट, AC व नॉन-AC की टाइमिंग अलग
नई दिल्ली। यदि आप भी अक्सर रेलवे काउंटर से तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) बुक कराते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय रेलवे के वेस्ट सेंट्रल रेलवे (WCR) ज़ोन द्वारा 1 अगस्त 2026 से तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब रेलवे रिजर्वेशन काउंटरों (PRS) पर तत्काल टिकट के लिए घंटों लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे अब 'टोकन सिस्टम' (Token System) लागू करने जा रहा है, जिसके बिना टिकट बुक नहीं हो सकेगी।
🎟️ क्या है नया टोकन सिस्टम?
नए नियम के तहत, पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर पर तत्काल विंडो खुलने से पहले तय समय पर यात्रियों को टोकन बांटे जाएंगे। उस टोकन पर एक नंबर लिखा होगा। काउंटर खुलने के बाद टोकन नंबर के क्रम के अनुसार ही यात्रियों को टिकट विंडो पर जाकर अपनी तत्काल टिकट बुक कराने का अवसर मिलेगा। इससे काउंटरों पर होने वाली आपाधापी और धक्का-मुक्की से आजादी मिलेगी।
⏰ टोकन वितरण का समय और सीटों की सीमा (Timing & Limits):
रेलवे ने AC और नॉन-AC (स्लीपर/2S) श्रेणियों के लिए टोकन हासिल करने का समय अलग-अलग निर्धारित किया है:
| श्रेणी (Category) | टोकन बांटने का समय | प्रति काउंटर टोकन सीमा |
|---|---|---|
| AC तत्काल (AC Tatkal) | सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक | 10 टोकन (आवश्यकतानुसार बढ़ाए जा सकते हैं) |
| नॉन-AC / स्लीपर (Non-AC Tatkal) | सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे तक | 15 टोकन (आवश्यकतानुसार बढ़ाए जा सकते हैं) |
⚠️ ध्यान दें: ऑनलाइन टिकट के लिए लागू नहीं है यह नियम
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह नया टोकन सिस्टम IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों पर लागू नहीं होगा। यह व्यवस्था केवल उन यात्रियों के लिए है जो स्टेशन या पीआरएस काउंटरों पर जाकर 'ऑफलाइन' तत्काल टिकट खरीदते हैं।
📌 नए सिस्टम के प्रमुख फायदे:
- लंबी लाइनों से मुक्ति: यात्रियों को तड़के सुबह से काउंटरों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
- पारदर्शिता: टोकन नंबर के आधार पर ही बुकिंग होगी, जिससे लाइन में बीच में घुसने या धांधली की शिकायतें दूर होंगी।
- समय की बचत: टोकन मिलने के बाद यात्री अपनी बारी का अंदाजा लगाकर उसी अनुसार विंडो पर पहुंच सकते हैं।

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