हाईकोर्ट के आदेश पर सख्त हुई बार काउंसिल: आपराधिक मामलों में घिरे वकीलों की मांगी सूची, 15 दिनों का अल्टीमेटम जारी
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने बड़ा कदम उठाया है। बार काउंसिल ने प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों को सख्त निर्देश जारी करते हुए गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित अधिवक्ताओं की पूरी सूची 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा है।
🏛️ इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
बार काउंसिल का यह कड़ा रुख इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 3 जून 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में सामने आया है। काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि जिन वकीलों पर गंभीर अपराधों के तहत एफआईआर दर्ज है, जो चार्जशीटेड हैं या जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमों का ट्रायल चल रहा है, उनकी विस्तृत रिपोर्ट जमा करनी होगी।
⚠️ अवहेलना करने पर समाप्त हो सकती है संबद्धता
बार काउंसिल ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी बार एसोसिएशन निर्धारित समय सीमा में यह जानकारी उपलब्ध कराने में विफल रहती है या आदेश की अवहेलना करती है, तो:
- संबंधित बार एसोसिएशन की संबद्धता (Affiliation) तत्काल समाप्त की जा सकती है।
- बार काउंसिल की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ रोक दिया जाएगा।
- लापरवाही बरतने वाली एसोसिएशनों की रिपोर्ट सीधे इलाहाबाद हाईकोर्ट को भेजी जाएगी।
🚨 प्रदेश भर की बार एसोसिएशनों में मची हलचल
बार काउंसिल के इस सख्त फरमान के बाद उत्तर प्रदेश के जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालय से संबद्ध सभी बार एसोसिएशनों में हलचल तेज हो गई है। एसोसिएशनों द्वारा अब आपराधिक पृष्ठभूमि या विचाराधीन मामलों में शामिल अधिवक्ताओं का रिकॉर्ड और विवरण जुटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।


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