लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने एक बार फिर राहत का पिटारा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी नए टैरिफ आदेश में बिजली दरों को यथावत रखा गया है। यह लगातार सातवां वर्ष है जब राज्य में बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
इस निर्णय पर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा सुधारों के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन का सीधा परिणाम है, जिससे यूपी में सस्ती और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है।
किंसानों और गरीबों के लिए ₹20,400 करोड़ की भारी सब्सिडी
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिजली दरों को स्थिर रखने और आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने सब्सिडी का दायरा बहुत बड़ा कर दिया है:
- सब्सिडी में भारी बढ़ोतरी: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ सब्सिडी को बढ़ाकर 20,400 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष 17,100 करोड़ रुपये थी।
- किसे मिलेगा सीधा लाभ: इस बंपर सब्सिडी का सीधा फायदा लाइफलाइन उपभोक्ताओं, ग्रामीण व शहरी गरीब परिवारों, किसानों (निजी नलकूप संचालकों) और ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा।
EV चार्जिंग और ग्रीन एनर्जी के लिए खास तोहफा
भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस नए टैरिफ आदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं:
- सोलर आवर्स में 20% की छूट: दिन के समय यानी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक (Solar Hours) इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने पर टैैरिफ में 20 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी।
- बैटरी स्वैपिंग को बढ़ावा: ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों और 'बैटरी ऐज ए सर्विस' (BaaS) प्रदाताओं को विशेष प्रावधानों के तहत लाभ दिया गया है।
"ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा: ₹2,580 करोड़ के रेगुलेटरी गैप के बावजूद बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। हमारा लक्ष्य सिर्फ निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली देना ही नहीं, बल्कि इसे आम उपभोक्ता की पहुंच में बनाए रखना भी है। लगातार सात वर्षों से बिजली दरें स्थिर रखकर सरकार ने अपना भरोसा निभाया है।"
यूपी बना ऊर्जा क्षेत्र में देश का रोल मॉडल
तकनीकी सुधार, लाइन हानियों में कमी, ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार और उपभोक्ता सेवाओं में पारदर्शिता के कारण आज उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में एक मजबूत पायदान पर खड़ा है। बिजली उत्पादन और रिकॉर्ड मांग की सफल आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए सरकार ने बिजली क्षेत्र को वित्तीय रूप से भी अनुशासित बनाया है, जिसका सीधा लाभ अब सूबे के हर वर्ग को मिल रहा है।

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