लखनऊ: नगर निकाय निदेशालय, उत्तर प्रदेश ने शासन के स्थानांतरण (Transfer) आदेशों की अवहेलना करने वाले दो अधिकारियों के खिलाफ एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। निदेशालय ने कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने वाले दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश जारी किए हैं।
निदेशक नगर निकाय अनुज कुमार झा द्वारा जारी किए गए अलग-अलग कार्यालय आदेशों के अनुसार, निलंबित होने वाले अधिकारियों में नगर पालिका परिषद पिलखुवा (हापुड़) के राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह तथा नगर पालिका परिषद बागपत की अवर अभियंता (सिविल) सुश्री विजेता श्रीवास्तव शामिल हैं।
कार्रवाई की वजह: दोनों अधिकारियों का स्थानांतरण नगर निगम शाहजहांपुर किया गया था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इसे शासन के आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता माना गया है।
नियमावली के तहत शुरू हुई विभागीय कार्रवाई
निदेशालय ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 तथा उत्तर प्रदेश पालिका (केंद्रीकृत) सेवा नियमावली, 2004 के गंभीर प्रावधानों के तहत विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं:
- संबद्धीकरण (Attachment): निलंबन की इस अवधि के दौरान ब्रह्मपाल सिंह को जिलाधिकारी कार्यालय, हापुड़ तथा सुश्री विजेता श्रीवास्तव को नगर पालिका परिषद, बागपत से संबद्ध किया गया है।
- शर्तें और प्रतिबंध: निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा। इसके साथ ही, वे बिना अनुमति के किसी अन्य सेवा, व्यापार या व्यावसायिक गतिविधि से नहीं जुड़ सकेंगे।
- त्वरित जांच के आदेश: निदेशालय ने दोनों मामलों की गहन जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जांच अधिकारी (Inquiry Officer) नामित किया है और उनसे जल्द से जल्द जांच आख्या प्रस्तुत करने को कहा है।


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