UP Politics: INDIA गठबंधन में तेज हुई 2027 की सियासी तैयारी, लखनऊ में हुई यह बड़ी मुलाकात
लोकदल अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह से मिले कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम; सीट शेयरिंग और संयुक्त आंदोलन पर हुआ महामंथन
- चुनावी रणनीति: उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकजुटता, सीट साझेदारी और भाजपा सरकार के खिलाफ संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा तैयार।
- अहम बैठक: लखनऊ स्थित लोकदल के केंद्रीय कार्यालय (8, मॉल एवेन्यू) पर दोनों शीर्ष नेताओं के बीच लंबे समय तक चली बंद कमरे में बैठक।
- मुद्दों पर बात: लोकतंत्र, संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय सहित किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े विषयों पर विपक्ष साझ संघर्ष करेगा।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने अपनी रणनीतिक गतिविधियां अभी से तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के नवनियुक्त उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के किसान नेता तरुण पटेल के साथ लखनऊ स्थित लोकदल के केंद्रीय कार्यालय एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह के मॉल एवेन्यू स्थित आवास पर एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस लंबी बैठक के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई है।
2027 के लिए सीट साझेदारी और विपक्षी एकजुटता पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों दलों के नेताओं ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एक व्यापक और संयुक्त अभियान चलाने पर सहमति जताई। बैठक में मुख्य रूप से आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की साझा रणनीति, INDIA गठबंधन की जमीनी मजबूती, सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल और संभावित सीट शेयरिंग को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
"साल 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा तय करने वाला ऐतिहासिक चुनाव होगा। प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है। भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विपक्षी दलों का यह समन्वय लगातार मजबूत हो रहा है और INDIA गठबंधन जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप एक मजबूत व सकारात्मक विकल्प पेश करेगा।" - चौधरी सुनील सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष (लोकदल)
राजेंद्र पाल गौतम के आने से कांग्रेस में बढ़ी सक्रियता
जब से कांग्रेस आलाकमान ने राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है, तब से वे लगातार राज्य के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने और गठबंधन के सहयोगियों के साथ संवाद स्थापित करने में जुटे हैं। लोकदल नेतृत्व के साथ हुई इस उच्च स्तरीय बैठक को आगामी राजनैतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। नेताओं का मानना है कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक न्याय के मुद्दों को फ्रंट पर रखकर ही इस बार चुनावी मैदान में उतरा जाएगा।


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