UP Plantation Drive 2026: गोरखपुर से सीएम योगी ने किया 35 करोड़ पौधरोपण महायज्ञ का आगाज, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगाई त्रिवेणी
गोरखपुर, 12 जुलाई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को एक नया कीर्तिमान रचा है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के पास पौधरोपण के बाद सीएम योगी ने गीडा सेक्टर-28 में जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पेड़ अपने जीवनकाल में सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है, इसलिए यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने का राष्ट्रीय कर्तव्य है।
📊 यूपी वन विभाग व पौधरोपण महाअभियान: मुख्य आंकड़े
| विवरण / अभियान घटक | संख्या / आंकड़े (लक्ष्य) |
|---|---|
| 🌱 12 जुलाई 2026 का कुल लक्ष्य | 35 करोड़ पौधे (एक ही दिन में) |
| 🌳 पिछले 10 वर्षों का कुल पौधरोपण | 275 करोड़ पौधे (इस अभियान के पूर्ण होने पर) |
| 📉 9 वर्षों में अवशोषित CO2 गैस | 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन (वनाच्छादन बढ़ने से) |
| 📈 9 वर्षों में उत्सर्जित ऑक्सीजन | 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन |
| 🍊 फलदार पौधों की हिस्सेदारी | कुल अभियान में 30% पौधे फलदार हैं |
🚨 "प्रकृति से खिलवाड़ की कीमत चुका रही है मानवता": मौसम चक्र और ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पर्यावरण असंतुलन से पैदा हो रहे खतरों और उसके कारण कृषि उत्पादन पर पड़ने वाले सीधे असर को लेकर देश-दुनिया को आगाह किया:
- 🌾 मौसम चक्र में बदलाव से खेती प्रभावित: इस साल मानसून करीब एक महीना देरी से शुरू हुआ। जो बीज 15 जून तक लग जाने चाहिए थे, वे अब 15 जुलाई को लग रहे हैं, जिससे कृषि उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।
- 💨 सर्दियों में गैस चैंबर बनते शहर: अंधाधुंध पेड़ कटने, जल दोहन करने और तालाबों पर अवैध कब्जों के कारण सर्दियों में कई शहर 'गैस चैंबर' बन जाते हैं, जहाँ बच्चों और बुजुर्गों को मास्क लगाने या घरों में कैद रहने की नौबत आती है।
- 💡 एलईडी लाइटों से ₹100 करोड़ की बचत: सरकार के पर्यावरण अनुकूल प्रयासों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि 2017 से प्रदेश में 16 लाख हैलोजन लाइटें हटाकर पर्यावरण अनुकूल एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं, जिससे राजस्व में 100 करोड़ रुपये की बड़ी बचत हुई है।
- ☀️ अयोध्या बनी पहली सोलर सिटी: इंटरनेशनल सोलर अलायंस के विजन के अनुरूप, अयोध्या उत्तर प्रदेश की पहली 'सोलर सिटी' बन चुकी है, जहाँ समस्त स्ट्रीट लाइटें सोलर एनर्जी से संचालित होती हैं।
🌱 'हरित गाथा' फिल्म का विमोचन और किसानों को मिला कार्बन क्रेडिट का पैसा
- 🎬 लघु फिल्म और कैलेंडर: सीएम योगी ने मंच से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को दिखाती ‘उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा’ लघु फिल्म और वर्ष 2026-27 के लिए वन विभाग का ‘वानिकी कैलेंडर’ विमोचित किया।
- 💰 पौधरोपण से सीधी कमाई (Carbon Credit): अपने खेतों में बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने वाले प्रगतिशील किसानों (नरपति, अशफाक खान, रंजना देवी और अरविंद कुमार) को मुख्यमंत्री ने कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत राशि के प्रमाण-पत्र सौंपे।
- 🌳 गोरखपुर में खुलेगा वानिकी विश्वविद्यालय: वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने जानकारी दी कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी हरियाली बढ़ाने में देश में दूसरे स्थान पर है और जल्द ही गोरखपुर में वानिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की शुरुआत होगी।
"माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्याः — धरती हमारी माता है और हम इसके पुत्र हैं"
"धरती माता हम सबको अच्छा वातावरण, पेट भरने के लिए अन्न, शुद्ध जल और जीवन की समस्त आवश्यकताएं पूरी करती हैं। एक पुत्र के रूप में इस धरती के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने के लिए ही आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का आह्वान किया है। मां हर जीव के लिए दुनिया का सबसे सुंदर उपहार है। हम अपने स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, लेकिन धरती माता की आरोग्यता की परवाह नहीं करते। यदि अनंतकाल तक जीवसृष्टि को बनाए रखना है, तो हर व्यक्ति को अपनी मां, पूर्वजों और परिजनों की याद में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी होगी।"
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश का यह पौधरोपण महाअभियान-2026 देश के सामने पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा और अनुकरणीय मॉडल पेश करता है। गीडा में जनसभा के बाद गोरखनाथ मंदिर लौटते समय मुख्यमंत्री ने आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे स्वयं 'मौलश्री' का पौधा रोपा, जो यह दर्शाता है कि वे स्वयं इस हरित क्रांति को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं। इस विशाल महायज्ञ में समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया है।


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