📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

UP Power Corporation News: पावर कॉरपोरेशन और संविदा कर्मचारी संघ की वार्ता, कई मांगों पर बनी सहमति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) प्रबंधन और निविदा संविदा कर्मचारी संघ के बीच शक्ति भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। प्रबंध निदेशक (MD) की अध्यक्षता में सुबह 11:00 बजे शुरू हुई यह वार्ता दोपहर 12:00 बजे तक चली। इस बैठक में संविदा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर कुल 14 बिंदुओं पर गहन मंथन हुआ, जिसमें से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रबंधन ने अपनी सहमति दे दी है।

कर्मचारी नेता देवेंद्र पांडेय ने बताया कि वार्ता के दौरान हटाए गए कर्मचारियों की बहाली, सुरक्षा और रुके हुए वेतन भुगतान को लेकर बेहद सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं।


इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रबंधन ने जताई सहमति:

पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और संगठन पदाधिकारियों के बीच मुख्य रूप से इन फैसलों पर मुहर लगी है:

  • कर्मचारियों की तैनाती: प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र के सुचारू परिचालन के लिए 04 संविदा उपकेंद्र परिचालक और 02 परिचालक सहायक तैनात किए जाएंगे। आउटगोइंग फीडरों के अनुपात में संख्या बढ़ेगी।
  • हटाए गए कर्मियों की वापसी: मई 2025 में हुए आंदोलन के दौरान हटाए गए कर्मचारियों में से शेष बचे 44 कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया जाएगा। इसके अलावा लखनऊ, अयोध्या, बस्ती और कुशीनगर के प्रभावित कर्मचारियों के हित में निर्णय हुआ है।
  • लाइन पर सुरक्षा: किसी भी अकुशल (Unskilled) कर्मचारी से लाइन का जोखिम भरा कार्य नहीं कराया जाएगा। दबाव बनाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
  • EPF घोटाले पर कड़ा एक्शन: मेसर्स एस के इलेक्ट्रिकल्स और मेसर्स साधना सिक्योरिटी सॉल्यूशन द्वारा किए गए ईपीएफ घोटाले की रकम को उनकी जब्त सिक्योरिटी मनी से काटकर कर्मचारियों के पीएफ खातों में जमा कराया जाएगा।

इन 3 मुख्य मांगों पर नहीं बन सकी सहमति:

बैठक में कुछ जटिल मुद्दों पर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने असहमति जताई:

  • उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन एवं वितरण निगमों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने की मांग खारिज हुई।
  • आउटसोर्स कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक कार्य करने की अनुमति देने की मांग पर सहमति नहीं बनी।
  • मीटर रीडरों को अन्य आउटसोर्स कर्मियों की भांति वेतन, ईपीएफ और ईएसआई का लाभ देने की मांग को मंजूरी नहीं मिली।
"वेतन भुगतान का रास्ता साफ: फेस अटेंडेंस (Face Attendance) न लगने के कारण जिन कर्मचारियों के वेतन का भुगतान रुका हुआ था, प्रबंधन ने उनका जल्द भुगतान कराने का भरोसा दिया है। साथ ही हर उपकेंद्र पर बकायदा ड्यूटी चार्ट चस्पा किया जाएगा।"

इस वार्ता में प्रबंधन की तरफ से यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक, निदेशक (का. प्र. एवं प्रशा.), जीएम (आईआर) और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (MVVNL) के अधिकारी शामिल रहे। वहीं संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद और प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय ने कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें