लखनऊ। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने 'पार्थ इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड' के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है। रेरा ने कंपनी को अपनी परियोजना से संबंधित कई महत्वपूर्ण वित्तीय और तकनीकी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, रेरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी के प्रतिनिधियों को 7 जुलाई 2026 को कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए तलब किया है।
लगभग 100 आवंटियों की शिकायत पर रेरा की त्वरित कार्रवाई
यह पूरा मामला पार्थ रिपब्लिक परियोजना से जुड़ा हुआ है। 'पार्थ रिपब्लिक मेंबर्स एसोसिएशन' के अनुसार, परियोजना में लगातार हो रही देरी, आवश्यक प्रमाणपत्रों की अनुपलब्धता और अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर लगभग 100 प्रभावित आवंटियों ने 24 जून 2026 को रेरा कार्यालय, लखनऊ में एक ज्ञापन सौंपा था।
आवंटियों की इस सामूहिक शिकायत और लंबित मांगों को गंभीरता से लेते हुए रेरा सचिव ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद कंपनी को विधिवत नोटिस जारी किया गया है।
रेरा ने मांगे ये महत्वपूर्ण दस्तावेज और प्रमाणपत्र
रेरा द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की विभिन्न धाराओं (4(2), 11(4), 17 और 18) के तहत प्रमोटर की जिम्मेदारियों का पालन करना अनिवार्य है। प्राधिकरण ने कंपनी से निम्नलिखित दस्तावेज मांगे हैं:
- चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से प्रमाणित ऑडिट विवरण: इससे यह साफ हो सकेगा कि खरीदारों से ली गई धनराशि का उपयोग नियम के अनुसार इसी परियोजना में किया गया है या नहीं।
- ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (CC): रेरा ने परियोजना का OC/CC उपलब्ध कराने को कहा है। यदि ये प्रमाणपत्र मिल चुके हैं, तो इन्हें तुरंत रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
- रजिस्ट्री और सामान्य क्षेत्रों का हस्तांतरण: नोटिस में याद दिलाया गया है कि परियोजना पूरी होने पर आवंटियों के पक्ष में पंजीकृत विक्रय विलेख (रजिस्ट्री) निष्पादित करना प्रमोटर का वैधानिक दायित्व है।
"मुनावजे का भी प्रावधान: यदि कंपनी कब्जा देने में देरी करती है या नियमों का उल्लंघन करती है, तो अधिनियम की धारा 18 के अनुसार आवंटियों को ब्याज एवं मुआवजा देने का प्रावधान भी लागू होगा।"
7 जुलाई की सुनवाई पर टिकीं आवंटियों की उम्मीदें
पार्थ रिपब्लिक मेंबर्स एसोसिएशन ने रेरा की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई का स्वागत किया है। आवंटियों को पूरी उम्मीद है कि 7 जुलाई 2026 को होने वाली आगामी सुनवाई में लंबे समय से लंबित उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा। इस सुनवाई में कंपनी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब और दस्तावेजों के आधार पर ही रेरा अपनी आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई तय करेगा।


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