लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य कौशल विकास निधि (SSDF) योजना के तहत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण के दूसरे चरण का लक्ष्य आवंटन जारी कर दिया गया है। इस चरण में 936 ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स को 1 लाख से अधिक युवाओं का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
युवाओं के लिए 'AI For All' और फ्यूचरिस्टिक कोर्सेज हुए अनिवार्य
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को टेक-सेवी बनाने के लिए इस बार ट्रेनिंग में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
- एआई फॉर ऑल (AI For All): युवाओं को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने हेतु हर बैच में 4 घंटे का 'AI For All' और सॉफ्ट स्किल मॉड्यूल पढ़ाना अनिवार्य किया गया है।
- क्लास की समयसीमा: कोर्सेज की अधिकतम अवधि 900 घंटे तय की गई है। आवासीय सेंटर्स पर रोज कम से कम 8 घंटे की क्लास चलेगी।
- अपडेटेड सेंटर्स: युवाओं का सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए हर सेंटर पर रोज एक हिंदी और एक अंग्रेजी अखबार रखना होगा। साथ ही, नए सेंटर्स का उद्घाटन स्थानीय विधायक से कराना अनिवार्य होगा।
'कौशल दर्पण' एआई डैशबोर्ड से हुआ आवंटन, न्यू-एज सेक्टर्स को प्राथमिकता
योगी सरकार ने कौशल प्रशिक्षण को पूरी तरह पारदर्शी और परिणाममूलक बनाने के लिए इस बार लक्ष्य आवंटन की प्रक्रिया में ‘कौशल दर्पण’ एआई डैशबोर्ड का उपयोग किया है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि कुल 936 प्रशिक्षण प्रदाताओं में से 831 निजी, राजकीय व स्टार्ट-अप प्रदाताओं को 91,425 युवाओं तथा 105 औद्योगिक/न्यू-एज प्रदाताओं को 14,650 युवाओं का प्रशिक्षण लक्ष्य दिया गया है। आधुनिक उद्योगों की मांग को देखते हुए हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी-आईटीईएस, फूड प्रोसेसिंग, अपैरल और हैंडीक्राफ्ट्स जैसे न्यू-एज सेक्टर्स को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
"लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्था ने समय पर क्लास शुरू नहीं की या ग्राउंड से कोई लापरवाही की शिकायत मिली, तो सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बिना देर किए सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।"
1 अगस्त से शुरू होंगी कक्षाएं, नौकरी के बाद 365 दिनों तक होगी ट्रैकिंग
चयनित संस्थाओं को हर हाल में 01 अगस्त 2026 से कक्षाएं शुरू करनी होंगी। इसके लिए 17-चरणों का कड़ा टाइम-टेबल जारी किया गया है, जिसमें सेंटर सिलेक्शन, सत्यापन, जागरूकता कैंप, बैच अप्रूवल से लेकर प्लेसमेंट तक की समय-सीमा तय है।
पारदर्शिता के लिए पूरे सेंटर पर निर्धारित मानकों के अनुसार सीसीटीवी लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे मुख्यालय से सीधी निगरानी हो सके। कोर्स पूरा होने के बाद केवल 70% या अधिक उपस्थिति वाले छात्रों को ही रोजगार मेले में बैठने का मौका मिलेगा और रिजल्ट के 90 दिनों के भीतर प्लेसमेंट कराना होगा। नौकरी मिलने के बाद भी 365 दिनों (1 साल) तक छात्रों की ट्रैकिंग की जाएगी ताकि उनकी स्थिरता सुनिश्चित हो सके।

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