कामतानाथ बाबा के दरबार में गूँजी टीबी कर्मचारियों की प्रार्थना—हे प्रभु! सरकार कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व की हमारी विनम्र पुकार सुने
लखनऊ/चित्रकूट। रविवार शाम चित्रकूट धाम में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत कार्यरत टीबी कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा, सेवा स्थायित्व एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना को लेकर एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। चित्रकूट धाम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए हवन-पूजन एवं महाआरती के दौरान कर्मचारियों ने भावपूर्ण प्रार्थना की।
उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ (पंजी.), जिसे 'उत्तर प्रदेश टीबी कर्मचारी संघ' के नाम से भी जाना जाता है, के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ। इस दौरान सबसे पहले भगवान श्री कामतानाथ जी की पावन परिक्रमा की गई। इसके उपरांत बरहा हनुमान जी के पावन स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन एवं भव्य महाआरती संपन्न हुई।
इस आध्यात्मिक आयोजन में चित्रकूट सहित आसपास के अनेक जनपदों के टीबी कर्मचारियों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित सभी साथियों ने भगवान कामतानाथ एवं संकटमोचन हनुमान जी के श्रीचरणों में प्रदेश के समस्त टीबी कर्मचारियों की सुरक्षा, उत्तम स्वास्थ्य, सम्मान, सेवा स्थायित्व तथा उनके परिवारों की सुख-समृद्धि और सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रार्थना की।
🩺 जोखिम के बीच देश सेवा और दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि
प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने कर्मचारियों की समस्याओं और इस आयोजन के उद्देश्य को साझा करते हुए कहा:
- संक्रमण का भारी जोखिम: टीबी कर्मचारी वर्षों से संक्रमण के सीधे जोखिम के बीच रहकर समाज को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।
- दिवंगत साथियों को नमन: पिछले कुछ समय में कई समर्पित साथियों के असमय निधन से कर्मचारी परिवार गहरे दुःख से गुजरा है। इसी कारण हवन-पूजन एवं महाआरती के दौरान दिवंगत साथियों की पुण्य आत्माओं की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
- सुरक्षा की कामना: वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी भगवान के चरणों में की गई।
सरकार से सामाजिक सुरक्षा और स्थायित्व की पुकार
संगठन ने भगवान कामतानाथ के श्रीचरणों में यह भी प्रार्थना की कि प्रदेश सरकार टीबी कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा, सेवा स्थायित्व, समय पर वेतन तथा कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक निर्णय ले। इससे जनस्वास्थ्य की सेवा में जुटे कर्मचारियों का मनोबल और अधिक मजबूत हो सकेगा तथा उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित बन सकेगा।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने, संक्रमण के बीच कार्यरत कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प लेने तथा संगठन की एकजुटता को और मजबूत करने का एक बड़ा माध्यम रहा। कार्यक्रम के समापन पर सभी कर्मचारियों ने देश और समाज को टीबी मुक्त करने के राष्ट्रीय अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने तथा कर्मचारी हितों के लिए हमेशा एकजुट रहने का संकल्प दोहराया।


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