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यूपी में 'जीरो पॉवर्टी अभियान' का दिखा दम, हाथरस नंबर-1, 19 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

UP Zero Poverty Mission: योगी सरकार के 'जीरो पॉवर्टी अभियान' को मिली रफ्तार, 4.25 लाख गरीब परिवारों तक पहुंचीं योजनाएं

अभियान की बड़ी सफलता: उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के "जीरो पॉवर्टी अभियान" के तहत अब तक प्रदेश के 4,25,101 गरीब एवं वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिल चुका है। इसके साथ ही सरकार राज्य के 19 लाख युवाओं को रोजगार और कौशल विकास (Skill Development) से जोड़ने की एक मेगा योजना पर काम कर रही है।

लखनऊ, 11 जुलाई 2026: योगी सरकार के महत्वाकांक्षी 'जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान' के तहत गरीब परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। हालिया समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, चिन्हित परिवारों में से 34 प्रतिशत परिवारों को सभी आवश्यक सरकारी योजनाओं से पूरी तरह आच्छादित (संतृप्त) किया जा चुका है। अधिकारियों का अनुमान है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के आगामी लक्ष्य पूरे होते ही यह आंकड़ा 30 फीसदी और बढ़ जाएगा।

📊 दो चरणों की प्रमुख योजनाओं में हासिल हुई उपलब्धि

इस अभियान को दो चरणों में विभाजित कर कुल 16 कल्याणकारी योजनाओं की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है:

अभियान के चरण शामिल योजनाएं और उनकी वर्तमान प्रगति
📌 प्रथम चरण (8 प्रमुख योजनाएं) • निराश्रित महिला पेंशन: 98%
• राशन कार्ड: 97%
• श्रमिक (BOCW) कार्ड: 95%
• आयुष्मान भारत योजना: 92%
*नोट: किसान सम्मान निधि और पीएम आवास में कार्य जारी है।
📌 द्वितीय चरण (अन्य योजनाएं) • शौचालय सहायता, स्वयं सहायता समूह (SHG) और स्कूल नामांकन: 100% (पूर्ण संतृप्त)
• हर घर नल से जल, कन्या सुमंगला, बाल सेवा योजना और उज्ज्वला योजना में कार्य प्रगति पर है।

🏆 जीरो पॉवर्टी मिशन: जिलों का प्रदर्शन (रैंकिंग)

🥇 टॉप 10 प्रदर्शन करने वाले जिले 🔻 सबसे कम प्रदर्शन करने वाले जिले
1. हाथरस (78% उपलब्धि के साथ नंबर-1)
2. गाजियाबाद, 3. शामली, 4. मुजफ्फरनगर, 5. बदायूं, अमरोहा, महाराजगंज, मेरठ, बागपत और गोरखपुर।
आगरा, मऊ, प्रयागराज, बांदा, बलिया, फतेहपुर, फिरोजाबाद, श्रावस्ती, बहराइच और उन्नाव (उन्नाव पूरे प्रदेश में सबसे अंतिम स्थान पर)।

🎯 19 लाख युवाओं को स्किलिंग और रोजगार से जोड़ने का रोडमैप

  • 👦 युवाओं की पहचान: गरीब परिवारों के 18 से 35 वर्ष के आयु वर्ग वाले करीब 19 लाख युवाओं की पहचान की गई है, जिन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
  • 🛠️ कौशल प्रशिक्षण का डेटा: अब तक 43,647 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में ट्रेनिंग दी जा चुकी है। 1,258 युवा वर्तमान में ट्रेनिंग ले रहे हैं और 1,14,715 युवाओं को अगले बैचों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
  • 💼 रोजगार के आंकड़े: उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के जरिए 2,691 और आईटीआई (ITI) के माध्यम से 888 प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न कंपनियों में प्लेसमेंट दिलाया जा चुका है।
  • 🚀 स्वरोजगार और उद्यमिता पर जोर: युवाओं को नौकरी देने के साथ-साथ 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना', 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना', 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' और 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) के तहत लोन व टूलकिट देकर खुद का व्यवसाय शुरू कराया जा रहा है।
"कॉरपोरेट कंपनियों (CSR) और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर महाभियान"

"जीरो पॉवर्टी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सामाजिक संस्थाओं और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत बड़े स्तर पर एमओयू (समझौते) किए हैं। इस संयुक्त पहल के माध्यम से गरीब परिवारों को सिर्फ सरकारी भत्ता ही नहीं मिलेगा, बल्कि उनके लिए आजीविका विकास, प्लेसमेंट, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, नेत्र जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन, टीबी उन्मूलन अभियान, बच्चों को पोषण और स्कूल किट तथा दिव्यांगजनों के लिए जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का काम युद्ध स्तर पर किया जाएगा।"
— ग्राम्य विकास एवं समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन

योगी सरकार का अंतिम लक्ष्य समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के सीधे सरकारी मदद पहुंचाना है। इस पारदर्शी ट्रैकिंग और रैंकिंग सिस्टम के लागू होने से सुस्त पड़े जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों पर भी योजनाओं को तेजी से लागू करने का दबाव बढ़ेगा, जिससे 'जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश' का सपना जल्द साकार हो सकेगा।

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