संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के 'संत वेश' प्रदर्शन पर भड़की VHP: डॉ. सुरेंद्र जैन बोले - "हमें भाषाई व संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे से बाहर जाने पर मजबूर न किया जाए"
नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा संत वेश धारण कर किए गए प्रदर्शन पर अत्यंत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। वीएचपी ने इसे सनातन धर्म, पूज्य साधु-संतों और संपूर्ण हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं का सीधा अपमान एवं अनादर करार दिया है।
“जिस प्रकार रावण ने छल-कपट के लिए संत का छद्म वेश धारण किया था, उसी प्रकार ये नेता धार्मिक प्रतीकों का दुरुपयोग कर हिंदू आस्था पर चोट कर रहे हैं। हिंदू समाज धैर्यवान और सहिष्णु है, लेकिन उसे अपनी भाषाई व संवैधानिक मर्यादाओं के दायरे से बाहर जाने पर मजबूर न किया जाए।”
— डॉ. सुरेंद्र जैन, अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (विश्व हिंदू परिषद)🔥 "अन्य धर्म के धर्मगुरुओं का वेश धारण कर दिखाएं" — VHP की खुली चुनौती
डॉ. सुरेंद्र जैन ने विपक्षी नेताओं (पप्पू यादव, राहुल गांधी तथा सपा व कांग्रेस के सांसदों) पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद से उपजी बौखलाहट में यह सब किया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा:
- खुली चुनौती: यदि इन नेताओं में साहस है, तो वे किसी अन्य धर्म के धर्मगुरुओं या मौलवियों का वेश धारण कर उनके प्रतीकों का मजाक उड़ाकर दिखाएं।
- आक्रोश की चेतावनी: ऐसा करते ही सड़कों पर उग्र प्रदर्शन होने लगेंगे और उनका बाहर निकलना कठिन हो जाएगा।
🏛️ लोकसभा अध्यक्ष से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग
विश्व हिंदू परिषद ने माननीय लोकसभा अध्यक्ष से यह पुरजोर मांग की है कि संसद परिसर में धार्मिक प्रतीकों का अनादर करने वाले सांसदों के खिलाफ कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही वीएचपी इस अमर्यादित कृत्य के विरुद्ध स्वयं कानूनी कार्रवाई करने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
📢 सड़कों पर उतरने की चेतावनी
डॉ. सुरेंद्र जैन ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि सनातन धर्म के प्रतीकों और साधु-संतों के इस प्रकार के अपमानजनक कृत्यों पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया, तो देश के साधु-संतों और संपूर्ण हिंदू समाज का आक्रोश बहुत जल्द सड़कों पर देखने को मिलेगा।

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