5 दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन: "RBI, LIC, SEBI में 5 कार्य दिवस तो बैंकों में क्यों नहीं?"—लखनऊ में बैंक नेताओं ने केंद्र सरकार को दी चेतावनी
लखनऊ। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले आज सायं लालबाग स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के सामने सैकड़ों की संख्या में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने **'5 दिवसीय बैंकिंग' (5-Day Banking)** की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। फोरम से सम्बद्ध सभी घटक संगठनों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) से इस मांग को जल्द लागू करने की चेतावनी दी।
📢 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को भी तैयार हैं बैंककर्मी
प्रदर्शन के दौरान राज्य संयोजक कॉम. वाई. के. अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि यदि 5 दिवसीय बैंकिंग लागू की जाती है, तो बैंककर्मी इसकी भरपाई के लिए प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक तनाव और काम के दबाव के कारण इसे शीघ्र लागू किया जाना आवश्यक है।
🗣️ बैंक यूनियनों के प्रमुख नेताओं के मुख्य वक्तव्य:
“रिजर्व बैंक (RBI), एलआईसी (LIC), सेबी (SEBI) और नाबार्ड (NABARD) जैसे संस्थानों में जब 5 कार्य दिवस लागू हो सकते हैं, तो व्यावसायिक बैंकों में यह व्यवस्था क्यों नहीं लागू की जा रही? हमारे साथ यह नाइंसाफी बंद होनी चाहिए।”
— कॉम. डी. के. सिंह, महामंत्री (NCBE)“भारतीय बैंक संघ (IBA) ने 5 दिवसीय बैंकिंग की मांग को पहले ही स्वीकार करके सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर कोई निर्णय नहीं ले रही है। 5 दिवसीय बैंकिंग कोई भीख नहीं बल्कि बैंककर्मियों का अधिकार है।”
— कॉम. एस. के. संगतानी एवं कॉम. लक्ष्मण सिंह📌 पहले भी हो चुके हैं कई आंदोलन व हड़ताल
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि इस मांग को लेकर पूर्व में बैंककर्मी रैलियां, धरने, 'X' (ट्विटर) अभियान और 27 जनवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी कर चुके हैं। इसके बावजूद सरकार की अनदेखी चिंताजनक है।
👥 प्रदर्शन में शामिल प्रमुख बैंक नेता
प्रदर्शन में मुख्य रूप से कॉम. वाई. के. अरोड़ा, डी. के. सिंह, एस. के. संगतानी, लक्ष्मण सिंह, संदीप सिंह, सचिन केसरवानी, वी. के. माथुर, अशोक अग्रवाल और अनिल श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ बैंक नेता उपस्थित रहे।
🚨 मांग न मानने पर लंबे संघर्ष की चेतावनी
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने 5 दिवसीय बैंकिंग की जायज मांग को तुरंत मंजूर नहीं किया, तो केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बैंककर्मी आर-पार के लंबे संघर्ष और राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


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