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अटेवा का बड़ा ऐलान: पुरानी पेंशन बहाल न हुई तो लखनऊ में होगी महारैली, प्रदेश भर में गूंजा 'NPS Go Back' का नारा

अटेवा की पूरे यूपी में 'OPS तिरंगा यात्रा': पुरानी पेंशन बहाली, TET अनिवार्यता समाप्ति और निजीकरण पर रोक की मांग; मांगें न मानने पर लखनऊ में महारैली का ऐलान

📍 स्थान: लखनऊ (उत्तर प्रदेश व्यापी) | 📅 दिनांक: 21 अगस्त 2026 | 📢 श्रेणी: कर्मचारी आंदोलन, पेंशन एवं शिक्षक अधिकार

लखनऊ: ऑल टीचर्स एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (ATEWA) के आह्वान पर प्रदेश भर के सभी जिला मुख्यालयों पर शुक्रवार को भव्य 'OPS तिरंगा यात्रा' निकाली गई। इस दौरान लाखों शिक्षकों, कर्मचारियों और विभिन्न संवर्गों के प्रतिनिधियों ने पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली, टीईटी (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने और सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। हाथों में तिरंगा, बैनर और प्लेकार्ड लिए कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं, तो राजधानी लखनऊ में ऐतिहासिक महारैली आयोजित की जाएगी।

📌 तिरंगा यात्रा के प्रमुख मुद्दे एवं अल्टीमेटम:

  • पुरानी पेंशन बहाली: न्यू पेंशन स्कीम (NPS) को पूरी तरह समाप्त कर पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने की मांग।
  • TET की अनिवार्यता पर रोक: शिक्षकों की पदोन्नति व समायोजन में टीईटी की बाध्यता समाप्त करने की मांग।
  • निजीकरण का विरोध: सरकारी उपक्रमों और सेवाओं के निजीकरण पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगे।
  • राजधानी में महारैली: सरकार द्वारा त्वरित निर्णय न लेने पर लखनऊ में विशाल प्रदर्शन का ऐलान।
  • प्रमुख नारे: 'NPS Go Back', 'पुरानी पेंशन हमारा हक है, लेकर रहेंगे'।

"पुरानी पेंशन न मिलने से कर्मचारियों का बुढ़ापा अंधकार में": विजय कुमार बन्धु

लखनऊ में कर्मचारी नेता स्व. बी.एन. सिंह की प्रतिमा स्थल से शुरू हुई तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए।

"पुरानी पेंशन बहाल न होने के कारण आज करोड़ों शिक्षकों और कर्मचारियों का भविष्य व बुढ़ापा अंधकार में डूब चुका है। यह देश का दुर्भाग्य है कि सीमाओं पर जान न्योछावर करने वाले अर्धसैनिक बलों तक को पेंशन से वंचित कर दिया गया है। जब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती, TET की जटिलता खत्म नहीं करती और निजीकरण पर रोक नहीं लगाती, अटेवा का यह लोकतांत्रिक संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।"
— विजय कुमार बन्धु (प्रदेश अध्यक्ष, ATEWA)

कर्मचारी और शिक्षक नेताओं ने भरी हुंकार

सभा को संबोधित करते हुए अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि सरकार को संकीर्णता छोड़कर खुले मन से कर्मचारियों की जायज मांगों का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

  • सफाई कर्मचारी महासंघ: पंचायती राज सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता रामेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों की उपेक्षा कर कोई भी व्यवस्था सुचारु रूप से नहीं चल सकती। सरकार को संवेदनशील होकर पुरानी पेंशन देनी होगी।
  • नर्सेज संघ का समर्थन: राजकीय नर्सेज संघ के वरिष्ठ नेता अशोक कुमार ने याद दिलाया कि कोरोना जैसी वैश्विक आपदा में कर्मचारियों ने जान की बाजी लगाकर देश की सेवा की, अतः उनके सुरक्षित भविष्य की गारंटी देना शासन का कर्तव्य है।

तिरंगा यात्रा में प्रमुख संगठनों और नेताओं की मौजूदगी

इस राज्यव्यापी तिरंगा यात्रा में फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस (रेलवे) सहित विभिन्न संवर्गों के हजारों प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रमुख रूप से विक्रमादित्य मौर्य, रजत प्रकाश, सुनील वर्मा, विजय विश्वास, नरेंद्र कुमार, विवेक, पंकज यादव, राघवेंद्र सिंह, श्रवण सचान, सोहन लाल वर्मा, धीरेंद्र शर्मा, हरिशंकर राठौर, महेंद्र पांडेय, दयाशंकर, गीतांशु वर्मा, अमिता रॉस, सतेंद्र सिंह, रेणु पटेल, दीपिका, क्षमा, संजय रावत, जे.के. निगम सहित भारी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र और कर्मचारी उपस्थित रहे।

आंदोलन की अगली रणनीति: अटेवा नेतृत्व ने दो-टूक कहा है कि यदि समय रहते शासन स्तर पर वार्ता कर सकारात्मक समाधान नहीं निकाला गया, तो आगामी महीनों में लखनऊ की सड़कों पर अब तक का सबसे बड़ा कर्मचारी महाजुलूस और धरना-प्रदर्शन देखने को मिलेगा।

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