जगदीश्वरम् विहार जनकल्याण समिति की बैठक में जनसमस्याओं पर मंथन: उपेक्षा से नाराज क्षेत्रवासियों ने लिया संघर्ष का संकल्प; अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी आवाज
लखनऊ: राजधानी के तकरोही स्थित जगदीश्वरम् विहार जनकल्याण समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक रविवार को आयोजित की गई। बैठक में कॉलोनी एवं आसपास के क्षेत्र में व्याप्त मूलभूत जनसमस्याओं, जल निकासी, स्वच्छता और अन्य विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों द्वारा अपेक्षित गंभीरता न दिखाए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और सर्वसम्मति से लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष करने का संकल्प लिया।
📌 बैठक एवं रणनीति के मुख्य बिंदु:
- मूलभूत समस्याओं की अनदेखी: कई बार ज्ञापन और सूचना देने के बाद भी क्षेत्रीय समस्याओं का स्थायी समाधान न होने पर नाराजगी।
- सड़क पर संघर्ष का फैसला: समस्याओं को अब मात्र बैठकों तक सीमित न रखते हुए उच्चाधिकारियों तक प्रभावी पैरवी की जाएगी।
- लोकतांत्रिक आंदोलन: जनता की सुविधाओं, अधिकारों और नागरिक सम्मान की रक्षा के लिए समिति एकजुट होकर आवाज उठाएगी।
- निजी विरोध नहीं, जनहित लक्ष्य: पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समिति का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि जनहित और विकास है।
- व्यापक उपस्थिति: अध्यक्ष विजय शंकर पाण्डेय और संरक्षक आर. एस. शाक्य की अगुवाई में दर्जनों पदाधिकारियों व प्रबुद्ध नागरिकों ने हिस्सा लिया।
📊 जगदीश्वरम् विहार जनकल्याण समिति: बैठक की रूपरेखा
| प्रमुख विवरण | संबंधित जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | जगदीश्वरम् विहार, तकरोही, लखनऊ |
| समिति नेतृत्व | विजय शंकर पाण्डेय (अध्यक्ष) एवं आर. एस. शाक्य (संरक्षक) |
| मुख्य एजेंडा | सड़क, नाली, प्रकाश, जलापूर्ति एवं नागरिक सुविधाओं के लिए प्रभावी पैरवी |
लगातार उपेक्षा पर फूटा गुस्सा: अब बैठकों से आगे बढ़कर होगा काम
बैठक के दौरान उपस्थित निवासियों ने इस बात पर गहरा असंतोष व्यक्त किया कि लंबे समय से क्षेत्र में जलनिकासी, मार्गों की बदहाली और सफाई व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जाते रहे हैं। इसके बावजूद धरातल पर कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जिससे नागरिकों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
"जनहित हमारे लिए सर्वोपरि है। एकता, संगठन और अनुशासन ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। समिति का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या संस्था का अकारण विरोध करना नहीं है, बल्कि क्षेत्रवासियों के मूलभूत नागरिक अधिकारों और सुविधाओं को सुनिश्चित कराना है। अब हम अपनी मांगों को केवल कमरों की बैठकों तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि चरणबद्ध तरीके से उच्च प्रशासनिक स्तर तक मजबूती से पहुंचाएंगे।"
— विजय शंकर पाण्डेय (अध्यक्ष, जगदीश्वरम् विहार जनकल्याण समिति)
प्रतिनिधिमंडल सौंपेगा मांग पत्र, बनाई गई चरणबद्ध रणनीति
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि समिति का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही नगर निगम, विकास प्राधिकरण (LDA) और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट करेगा। समस्याओं का श्रेणीवार विवरण तैयार कर उन्हें तय समयसीमा के भीतर हल करने का आग्रह किया जाएगा। यदि इसके बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो समिति लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित पदाधिकारी एवं सदस्य
इस महत्वपूर्ण सभा में समिति के मुख्य पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की। इनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
- संरक्षक: आर. एस. शाक्य
- अध्यक्ष: विजय शंकर पाण्डेय
- महामंत्री: राघवेन्द्र नाथ मिश्रा
- कोषाध्यक्ष: अवधेश त्रिपाठी
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष: पी. एन. सिंह
- उपाध्यक्ष: अरविन्द शुक्ला एवं आदित्य मिश्रा
- संगठन मंत्री: राजकिशोर गुप्ता
- मीडिया प्रभारी: रमेश यादव
- मंत्रीगण: अवधेश शुक्ला, एस. के. लाल एवं प्रभाकर मिश्रा
- कार्यकारिणी सदस्य: ऋषि, आफताब आलम, सत्यम चौहान, भजनलाल, अनिल चौरसिया, राजेश सिंह, हरीश बंसल, नन्दलाल शर्मा एवं अन्य सम्मानित सदस्य।


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