"रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो": गोरखपुर जनता दर्शन में महिला की पीड़ा सुन सीएम योगी का कड़ा एक्शन
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि विवाद और राजस्व संबंधी मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बेहद सख्त चेतावनी दी है। गोरखनाथ मंदिर परिसर में मंगलवार सुबह आयोजित जनता दर्शन के दौरान एक महिला की फरियाद सुनकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया और वरिष्ठ अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि यदि पीड़ित महिला को रास्ता दिलवाने में राजस्व तंत्र असमर्थ है, तो संबंधित लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए।
📌 जनता दर्शन के मुख्य बिंदु एवं निर्देश:
- 200 फरियादियों की सुनवाई: महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर सीएम योगी ने खुद पहुंचकर लोगों के प्रार्थना पत्र लिए।
- जमीन विवाद पर कड़ा रुख: दबंगों द्वारा रास्ता रोकने और राजस्व कर्मियों की हीलाहवाली पर निलंबन की सख्त चेतावनी।
- इलाज के लिए आर्थिक मदद: जरूरतमंदों को आयुष्मान योजना का लाभ और विवेकाधीन कोष से वित्तीय सहायता का आश्वासन।
- जवाबदेही तय: भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर क्षम्य नहीं होगी।
महिला की व्यथा सुन तनी भृकुटि, दिए निलंबन के निर्देश
जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने रोते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि इलाके के कुछ दबंग उसे आने-जाने का रास्ता नहीं दे रहे हैं और खुलेआम चुनौती देते हैं कि चाहे जहां शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल मौके पर उपस्थित वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को तलब किया।
"पीड़िता को हर हाल में रास्ता दिलवाया जाए। यदि लेखपाल, कानूनगो या तहसीलदार खुद को लाचार मानते हैं या दबंगों के आगे झुकते हैं, तो इन सभी को तुरंत सस्पेंड किया जाए। जनता के अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन का पहला कर्तव्य है।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
राजस्व मामलों के निस्तारण में हीलाहवाली पर सख्त एक्शन
जनता दर्शन में पहुंचे करीब 200 लोगों में से कई नागरिकों ने जमीन की पैमाइश, अवैध कब्जों और राजस्व कर्मियों की सुस्ती से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को सीधे निर्देश दिया कि भूमि विवादों को गंभीरता से लेकर समयबद्ध ढंग से निपटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिथिलता पाए जाने पर सीधे निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इलाज के लिए आर्थिक सहायता और आयुष्मान कार्ड बनाने के आदेश
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए नागरिकों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि धन के अभाव में किसी का उपचार नहीं रुकेगा।
- अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी पात्र परिवारों का प्राथमिकता के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनाया जाए।
- अस्पताल के इस्टीमेट के आधार पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष (Discretionary Fund) से त्वरित आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाएगी।

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