📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...

Pages

Dr Sanjay Nishad Lucknow Meeting Vimukta Jati Aayog UP News: संगठन और जनभागीदारी होगी जीत का आधार

Dr Sanjay Nishad Nishad Party Lucknow Meeting Vimukta Jati Aayog UP News: आगामी चुनाव में संगठन और जनभागीदारी होगी जीत का आधार: डॉ. संजय निषाद; विमुक्त जनजाति आयोग के गठन पर जताया आभार

"संगठन और जनभागीदारी बनेगी आगामी चुनाव में जीत का आधार": डॉ. संजय कुमार निषाद; लखनऊ में लखनऊ मंडल की बैठक संपन्न, विमुक्त जाति आयोग गठन को बताया ऐतिहासिक कदम

"
लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को संबोधित करते डॉ. संजय कुमार निषाद।

लखनऊ। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री **डॉ. संजय कुमार निषाद** की अध्यक्षता में 1 विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर लखनऊ मंडल के पार्टी पदाधिकारियों की अहम समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान आगामी चुनावों की रणनीति, बूथ सशक्तिकरण और सदस्यता अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई।

📌 लखनऊ मंडल बैठक की मुख्य बातें:

  • बूथ और सेक्टर सुदृढ़ीकरण: कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं का प्रचार करने का आह्वान किया गया।
  • मछुआ समाज का अधिकार: निषाद पार्टी शोषित, वंचित और मछुआ समाज के अधिकारों की लड़ाई निरंतर लड़ती रहेगी।
  • सघन जनसंपर्क अभियान: पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित जनसंपर्क चलाकर नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने के निर्देश दिए गए।

🏛️ विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति आयोग के गठन का स्वागत

डॉ. संजय कुमार निषाद ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा **विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति आयोग** के गठन के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार जताया।

“उत्तर प्रदेश में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों की लगभग 193 जातियाँ निवास करती हैं। अंग्रेजों ने क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट जैसा काला कानून थोपकर इन्हें प्रताड़ित किया। योगी सरकार का यह फैसला ऐतिहासिक सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

— डॉ. संजय कुमार निषाद, कैबिनेट मंत्री (उत्तर प्रदेश सरकार)

🌱 मछुआ व विमुक्त समुदायों का सामाजिक उत्थान

डॉ. निषाद ने कहा कि निषाद, केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, कश्यप, धीवर, धीमर, रैकवार सहित अन्य उपजातियां वर्षों से उपेक्षा झेल रही थीं। यह नया आयोग इन समाजों के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रभावी काम करेगा और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें