लखनऊ को AI और डीप-टेक का वैश्विक केंद्र बनाएंगे: CM योगी ने रखी HCL IT City फेज-2 की आधारशिला; 50 विश्वस्तरीय AI स्टार्टअप्स और 6,000 नई नौकरियों का लक्ष्य
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश के प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी और डीप-टेक हब के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को HCL Tech लखनऊ के 10वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग ₹500 करोड़ के निवेश वाले ‘आईटी सिटी फेज-2’ की आधारशिला रखी और परियोजना मॉडल का अनावरण किया। उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में लखनऊ को भारत की अग्रणी ‘एआई इनोवेशन सिटी’ बनाया जाएगा, जहां कम से कम 50 विश्वस्तरीय एआई स्टार्टअप्स का मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा।
📌 HCL IT City फेज-2 और सीएम योगी के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- ₹500 करोड़ का नया निवेश: एचसीएल आईटी सिटी फेज-2 के निर्माण से करीब 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- एआई इनोवेशन इकोसिस्टम: लखनऊ में 50 वर्ल्ड-क्लास एआई स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए सीएम ने एचसीएल को साझेदारी का आमंत्रण दिया।
- स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ: छात्रों, शिक्षकों और पेशेवरों को आधुनिक तकनीकों में निपुण बनाने हेतु 'इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर' का उद्घाटन।
- आईटी-आईटीईएस निर्यात में उछाल: राज्य का आईटी एक्सपोर्ट ₹12-15 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1 लाख करोड़ पार; अगले 4 साल में ₹2.5 लाख करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य।
- इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का लक्ष्य: ₹3,800 करोड़ से बढ़कर ₹45,000 करोड़ पहुंचा एक्सपोर्ट, वर्ष 2030 तक ₹2 लाख करोड़ तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार।
- 1000 छात्रों को AI ट्रेनिंग: एचसीएल टेक स्थानीय इंजीनियरिंग व डिग्री कॉलेजों के 1,000 मेधावी छात्र-छात्राओं को एडवांस एआई का प्रशिक्षण देगा।
📊 उत्तर प्रदेश आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स परिदृश्य: एक नजर में
| क्षेत्र / पैमाना | वर्तमान स्थिति | आगामी लक्ष्य / विजन |
|---|---|---|
| आईटी एवं आईटीईएस निर्यात | ₹1 लाख करोड़ से अधिक | ₹2.5 लाख करोड़ (अगले 4 वर्षों में) |
| इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग निर्यात | ₹45,000 करोड़ (पूर्व में ₹3,800 करोड़) | ₹2 लाख करोड़ (वर्ष 2030 तक) |
| राष्ट्रीय उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी | मोबाइल निर्माण: 55% | कंपोनेंट्स: 60% | सेमीकंडक्टर व चिप पैकेजिंग में अग्रणी बनना |
| HCL आईटी सिटी फेज-2 निवेश | ₹500 करोड़ का नया निवेश | 6,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन |
| HCL लखनऊ कैंपस का मौजूदा कार्यबल | 12,520+ तकनीकी कर्मचारी, 6000+ फ्रेशर्स | टेकबी (TechBee) से 2,200+ युवा प्रशिक्षित |
यूपी का युवा अब यहीं रहकर बना रहा दुनिया के लिए तकनीक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में हुए तकनीकी और बौद्धिक बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि एक दशक पूर्व राज्य के होनहार युवाओं को उच्च शिक्षा के बाद रोजगार के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद का रुख करना पड़ता था।
"आज परिस्थितियां 180 डिग्री बदल चुकी हैं। अब उत्तर प्रदेश का युवा लखनऊ और नोएडा में बैठकर दुनिया की अग्रणी मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए कटिंग-एज तकनीक और सॉफ्टवेयर कोड लिख रहा है। इतना ही नहीं, देश और दुनिया भर के प्रतिभाशाली युवा आज रोजगार के लिए यूपी आ रहे हैं। एचसीएल के सभी कर्मचारी आज देश-दुनिया में नए उत्तर प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर हैं।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
उन्होंने रेखांकित किया कि एचसीएल के संस्थापक शिव नादर ने 5 दशक पूर्व अपनी यात्रा यूपी की धरती से शुरू की थी, जो आज वैश्विक बन चुकी है। कंपनी ने अपने सामाजिक सरोकारों के तहत राज्य के 3,000 से अधिक गांवों और 50 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
"पहले पहचान माफिया से थी, आज मेडिकल कॉलेज और ODOP से है"
पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में काम करना बेहद कठिन चुनौती थी। प्रदेश में असुरक्षा का माहौल था, इंफ्रास्ट्रक्चर बदहाल था और आईटी उद्योग की पहली आवश्यकता—बिजली—ही नदारद रहती थी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले के नीति-नियंता अंधेरे में रहना पसंद करते थे क्योंकि उनके तमाम कारनामे अंधेरे में ही संचालित होते थे। पहले यूपी की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ के रूप में कुख्यात थी, जिसे समाप्त कर उनकी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ को राज्य का नया वैश्विक ब्रांड बनाया है। बेहतर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बलिया से बिजनौर की 1,200 किलोमीटर की दूरी अब महज 10 घंटे में पूरी हो रही है, जिसे तय करने में पहले 10 दिन लग जाते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया और जनधन योजना की शुरुआत की थी, तब विपक्षी दल खिल्ली उड़ाते थे। आज उसी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के कारण दिल्ली और लखनऊ से निकलने वाला शत-प्रतिशत पैसा बिना किसी बिचौलिए या 'कट मनी' के सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा हो रहा है।
"यूपी हमारी कर्मभूमि": एचसीएल टेक देगी 1000 छात्रों को एआई प्रशिक्षण
समारोह को संबोधित करते हुए एचसीएल टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने उत्तर प्रदेश को कंपनी का घर और कर्मभूमि बताया। उन्होंने कहा कि जिस दौर में आईटी मैन्युफैक्चरिंग पर लोगों को संदेह था, उस समय उत्तर प्रदेश ने युवा उद्यमियों को वैश्विक संस्थान खड़ा करने की जमीन उपलब्ध कराई, जिसका परिणाम है कि आज नोएडा कंपनी का ग्लोबल हेडक्वार्टर है।
उन्होंने घोषणा की कि स्थानीय प्रतिभाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए एचसीएल टेक क्षेत्रीय कॉलेजों के 1,000 मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
प्रतिभाओं और जमीनी लाभार्थियों का हुआ सम्मान
स्थापना दिवस पर एचसीएल फाउंडेशन से जुड़े 57 लाभार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें से 5 विशिष्ट लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर प्रशस्ति पत्र और उपकरण सौंपे:
- प्रतिमा देवी: उन्नत कृषि के लिए ₹1.5 लाख मूल्य का रोटावेटर और हैरो प्रदान किया गया।
- छिद्दो देवी: महिला स्वरोजगार हेतु ₹50 हजार मूल्य की रस्सी निर्माण व फ्लैटनिंग मशीन सौंपी गई।
- रोशनी: आत्मनिर्भर डेयरी उद्यम के लिए ₹30 हजार की अनुदान सहायता दी गई।
- चांदनी सिंह: आईएसओ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यूपी का मान बढ़ाने पर सम्मानित।
- मास्टर लवकुश: क्लबफुट बीमारी के सफल पुनर्वास व उपचार उपरांत सम्मानित किया गया।

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