लखनऊ: मड़ियांव के मुतक्कीपुर में धराशायी हुआ विशालकाय बरगद, आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त; मूसलाधार बारिश और लापरवाही से इलाके में दहशत
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में रविवार शाम तेज आंधी के साथ करीब डेढ़ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। बारिश शुरू होने से ठीक पहले थाना मड़ियांव क्षेत्र के मुतक्कीपुर में एक विशालकाय बरगद का पेड़ अचानक भरभराकर गिर गया। पेड़ की भारी शाखाओं की चपेट में आने से आसपास के करीब आधा दर्जन मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई घरों की छतों और दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे क्षेत्र के परिवारों में भारी दहशत का माहौल है।
📌 हादसे से जुड़े मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: मुतक्कीपुर, मड़ियांव थाना क्षेत्र, लखनऊ।
- प्रभाव: आधा दर्जन मकानों की छतें, दीवारें और छज्जे टूटे; कई परिवार सदमे में।
- मौसम का मिजाज: तेज आंधी के बाद करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बारिश, शहरभर में जलभराव।
- प्रशासनिक लापरवाही: स्थानीय लोगों ने नगर निगम और वन विभाग में पूर्व में की थी शिकायतें, पर नहीं हुई कार्रवाई।
- मांग: क्षतिग्रस्त मकानों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण, मलबा हटाने और जर्जर पेड़ों की छंटाई की मांग।
आंधी और बारिश से बिगड़े हालात, बाल-बाल बचे लोग
रविवार शाम अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज धूलभरी हवाएं चलने लगीं। इसी दौरान मुतक्कीपुर में स्थित दशकों पुराना भारी-भरकम बरगद का पेड़ जड़ों से उखड़कर सीधे आवासीय मकानों पर गिर पड़ा।
पेड़ गिरते ही जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और लोग जान बचाने के लिए बदहवास होकर खुले स्थानों की ओर भागे। गनीमत रही कि हादसे के वक्त अधिकांश लोग कमरों के सुरक्षित हिस्सों में थे, जिससे जनहानि टल गई। इसके तुरंत बाद शुरू हुई डेढ़ घंटे की मूसलाधार बारिश ने गिरे हुए पेड़ के मलबे और क्षतिग्रस्त छतों के कारण घरों में पानी भरकर स्थिति को और विकट बना दिया।
लगातार शिकायतों के बावजूद कुंभकर्णी नींद में सोए रहे जिम्मेदार विभाग
स्थानीय नागरिकों में नगर निगम और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है। क्षेत्रीय निवासियों का आरोप है कि पेड़ के जर्जर होने और झुकने को लेकर कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
"हमने कई बार नगर निगम और वन विभाग के चक्कर काटे कि इस खतरनाक पेड़ की छंटाई या सुरक्षित निस्तारण किया जाए। लेकिन फाइलों को एक विभाग से दूसरे विभाग पर टाल दिया गया। यदि समय रहते अधिकारी जाग जाते, तो आज आधा दर्जन परिवारों की जीवनभर की गाढ़ी कमाई से बने मकान मलबे में तब्दील न होते।"
— आक्रोशित स्थानीय निवासी (मुतक्कीपुर, लखनऊ)
तत्काल मुआवजे और खतरनाक पेड़ों की जांच की मांग
प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:
- क्षतिग्रस्त मकानों का तत्काल प्रशासनिक व तकनीकी सर्वे कराकर पीड़ितों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए।
- बिजली के तारों और मकानों पर गिरे पेड़ के मलबे को युद्धस्तर पर हटाकर मार्ग व विद्युत आपूर्ति सुचारु की जाए।
- मानसून सीजन को देखते हुए पूरे मड़ियांव और फैजुल्लागंज क्षेत्र में स्थित अन्य जर्जर, सूखे और खतरनाक पेड़ों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।


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