बाढ़ में घायल 53 वर्षीय हथिनी ‘जॉयमोती’ को एयरलिफ्ट कर वनतारा लाया गया: विशेष अस्पताल में शुरू हुआ इलाज, भारत में पहला अनूठा रेस्क्यू
जामनगर: जुलाई महीने में आई भीषण बाढ़ के तेज बहाव में बहकर गंभीर रूप से घायल हुई 53 वर्षीय हथिनी ‘जॉयमोती’ को आधुनिक चिकित्सा और गहन उपचार के लिए विशेष विमान द्वारा एयरलिफ्ट कर गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा (Vantara) अस्पताल पहुंचाया गया है। भारत में किसी गंभीर रूप से घायल हाथी को उच्चस्तरीय इलाज के लिए एयरलिफ्ट करने का यह अपनी तरह का पहला और ऐतिहासिक मामला है।
📌 रेस्क्यू और उपचार से जुड़े मुख्य बिंदु:
- ऐतिहासिक कदम: सड़क मार्ग के थकाऊ सफर से बचाने के लिए भारत में पहली बार हाथी को एयरलिफ्ट किया गया।
- चोटों की गंभीरता: बाढ़ में बहने से शरीर पर गहरे घाव, दाहिनी आंख गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त और पैर में लंगड़ापन।
- विशेषज्ञ देखभाल: वनतारा के अत्याधुनिक अस्पताल में नेत्र सर्जरी, घाव की ड्रेसिंग और विशेष पोषण आहार की व्यवस्था।
- अस्थायी प्रवास: पूर्ण स्वस्थ होने तक ही हथिनी का उपचार जामनगर में किया जाएगा।
- भविष्य की योजना: वनतारा ने असम में हाथियों के लिए विशेष केंद्र समेत तीन वन्यजीव अस्पताल बनाने का प्रस्ताव दिया।
नागालैंड की बाढ़ से बचाई गई 53 वर्षीय जॉयमोती
हथिनी जॉयमोती नागालैंड में आई प्रलयंकारी बाढ़ के तेज पानी के तेज बहाव में बह गई थी। स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग की संयुक्त टीम ने भारी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला था।
हादसे के कारण जॉयमोती के शरीर पर कई गहरे घाव हो गए थे, उसकी दाहिनी आंख बुरी तरह जख्मी हो गई थी तथा पुरानी चोट के कारण पिछले पैर से चलने-फिरने में भारी असमर्थता हो रही थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी ढलती उम्र और जटिल स्थिति को देखते हुए सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लिया गया।
थकाऊ सफर से बचाने के लिए एयरलिफ्ट का फैसला
पूर्वोत्तर से गुजरात तक सड़क मार्ग से हजारों किलोमीटर की दूरी तय करना घायल और वृद्ध हथिनी के लिए जानलेवा साबित हो सकता था। पशु चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की सलाह पर उसे सुरक्षित विमान के जरिए एयरलिफ्ट किया गया।
"यात्रा के दौरान पशु चिकित्सकों की विशेष टीम लगातार जॉयमोती की हृदय गति, तनाव स्तर और हाइड्रेशन की निगरानी करती रही, ताकि उड़ान के दौरान उसे किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।"
वनतारा में विश्वस्तरीय नेत्र और ऑर्थोपेडिक उपचार
जामनगर पहुंचते ही वनतारा के डॉक्टरों ने जॉयमोती का गहन स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया। यहां उसकी क्षतिग्रस्त आंख की लेजर/सर्जिकल जांच, संक्रमण रोकने के लिए एंटीबायोटिक थेरेपी और पैरों के दर्द निवारण के लिए हाइड्रोथेरेपी व फिजियोथेरेपी की सुविधा दी जा रही है।
असम में बनेंगे तीन नए वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र
वनतारा प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जॉयमोती का स्थानांतरण स्थायी नहीं है और स्वास्थ्य लाभ के बाद उसके पुनर्वास पर विचार किया जाएगा।
इसके साथ ही वनतारा ने पूर्वोत्तर में घायल वन्यजीवों को त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए असम में हाथियों के समर्पित अस्पताल समेत तीन आधुनिक वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जिससे भविष्य में घायल जानवरों को उनके प्राकृतिक पर्यावास के समीप ही सर्वोत्तम इलाज मिल सके।


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