एलडीए में विजिलेंस का बड़ा छापा: जेई समेत 3 लोग 7.50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; वीसी प्रथमेश कुमार ने कर्मचारियों को किया सस्पेंड, 'पेशेवर शिकायतकर्ताओं' पर होगी एफआईआर
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस टीम ने गोमती नगर स्थित एलडीए के जोन-5 कार्यालय में छापा मारकर एक अवर अभियंता (JE) समेत तीन लोगों को 7.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई का डर दिखाकर 15 लाख रुपये घूस मांग रहे थे।
🚨 विजिलेंस की गिरफ्त में आए तीन आरोपी
- दिनेश कुमार वर्मा: अवर अभियंता (JE), प्रवर्तन जोन-5, एलडीए
- चंद्र प्रकाश: पंप ऑपरेटर/सुपरवाइजर, प्रवर्तन जोन-5, एलडीए
- श्रवण कुमार: बिचौलिया व बाहरी व्यक्ति (आईजीआरएस पर शिकायतकर्ता)
📋 क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस के एसपी से शिकायत दर्ज कराई थी कि जेई दिनेश कुमार वर्मा उसके निर्माणाधीन मकान पर पहुंचे और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर मिली शिकायत का हवाला देकर निर्माण कार्य रोकने की धमकी दी। इस शिकायत को खत्म कराने के एवज में पहले 15 लाख रुपये मांगे गए, जो बाद में 7.50 लाख रुपये में तय हुए। विजिलेंस ने शनिवार को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर रकम लेते ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
⚖️ एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का कड़ा प्रशासनिक एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया है:
- कर्मचारी निलंबित: सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश को तुरंत सस्पेंड कर ओएसडी देवांश त्रिवेदी को जांच सौंपी गई है।
- जेई के निलंबन की संस्तुति: जेई दिनेश कुमार वर्मा के निलंबन और विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
- बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक: प्रवर्तन अनुभाग के कार्यालयों में बिचौलियों और बाहरी लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
🛑 पेशेवर शिकायतकर्ताओं (Professional Complainants) पर दर्ज होगी FIR
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार बिचौलिया श्रवण कुमार आईजीआरएस पोर्टल पर फर्जी व ब्लैकमेलिंग की नीयत से शिकायतें करके भवन स्वामियों को प्रताड़ित करता था। इस पर संज्ञान लेते हुए वीसी प्रथमेश कुमार ने निर्देश जारी किए हैं:
- सूची तैयार कर दर्ज होगी एफआईआर: ब्लैकमेल करने और निजी रंजिश में आईजीआरएस या व्हाट्सएप पर लगातार शिकायतें करने वाले पेशेवर शिकायतकर्ताओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
- एडवाइजरी जारी: अब आईजीआरएस पर मिली शिकायतों पर तुरंत बुलडोजर या रुकावट की कार्रवाई करने के बजाय पहले शिकायतों का गहन परीक्षण कराया जाएगा।
“गलत शिकायत के आधार पर किसी भी निर्दोष नागरिक को प्रताड़ित नहीं होने दिया जाएगा। यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति या प्राधिकरण कर्मचारी किसी नागरिक को डराता या रिश्वत मांगता है, तो वे तुरंत एलडीए के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।”
— प्रथमेश कुमार, उपाध्यक्ष (लखनऊ विकास प्राधिकरण)

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