जलकल कर्मचारियों का हल्लाबोल: न्यूनतम मजदूरी और लंबित पदोन्नति लागू करने की मांग, जीएम को सौंपा संयुक्त मांगपत्र; समय पर समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
लखनऊ। जलकल, नगर निगम नियमित एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ, लखनऊ ने सोमवार को महाप्रबंधक (GM), जलकल विभाग को एक संयुक्त मांगपत्र सौंपा। संघ ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को शासनादेश के अनुरूप न्यूनतम मजदूरी देने तथा नियमित कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पदोन्नति (Promotion) को तत्काल लागू किए जाने की जोरदार मांग की है।
💰 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए प्रमुख मांगें:
- ₹500.23 प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी: श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित ₹500.23 प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी का लाभ जलकल विभाग में कार्यरत सभी पात्र आउटसोर्सिंग एवं अकुशल श्रमिकों को तत्काल प्रभाव से दिया जाए।
- बकाया एरियर का भुगतान: 17 अप्रैल 2026 से वेतन/मानदेय का पुननिर्धारण कर समस्त बकाया एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- अवैध कटौती पर रोक: सेवा प्रदाता एजेसियों द्वारा किसी भी प्रकार की की जा रही अवैध कटौती पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
📜 नियमित कर्मचारियों की डीपीसी (DPC) और पदोन्नति की मांग
मांगपत्र में नियमित कर्मचारियों के अधिकारों को रेखांकित करते हुए निम्नलिखित बातें रखी गईं:
- विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक: विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक तत्काल आयोजित कर पदोन्नति आदेश जारी किए जाएं।
- नियमानुसार वेतन निर्धारण: पदोन्नति के पश्चात नियमानुसार वेतन निर्धारण, एरियर और अन्य सेवा लाभ उपलब्ध कराए जाएं।
- समयबद्ध निस्तारण: सभी लंबित मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
⚠️ मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
संगठन का कहना है कि दोनों मुद्दे कर्मचारियों के वैधानिक एवं सेवा संबंधी अधिकारों से जुड़े हैं। शासनादेशों का पालन करते हुए विभाग को शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का समय पर समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारियों के हित में **लोकतांत्रिक एवं वैधानिक आंदोलन** शुरू किया जाएगा।


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