NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सीएम योगी सख्त: मुख्य सचिव ने बनाई एक्शन रणनीति; पराली प्रबंधन, उद्योग जांच और लापरवाह अफसरों पर कड़े एक्शन के निर्देश
लखनऊ: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आगामी दिनों में वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पराली प्रबंधन, औद्योगिक प्रदूषण पर नकेल, सड़कों से उड़ने वाली धूल की रोकथाम और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को लेकर समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
📌 प्रदूषण नियंत्रण बैठक के प्रमुख निर्देश:
- पराली प्रबंधन: बेलर और आवश्यक कृषि यंत्रों की उपलब्धता के लिए लंबित टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के आदेश।
- उद्योगों पर कार्रवाई: प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाली फैक्ट्रियों की नियमित जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई।
- नोडल अधिकारियों की तैनाती: अंतर-विभागीय समन्वय के लिए प्रत्येक संबंधित विभाग नामित करेगा नोडल अफसर।
- सड़क धूल नियंत्रण: पॉटहोल्स की मरम्मत, फुटपाथ सुधार और रोड रिडेवलपमेंट के कार्य समय-सीमा में पूरे होंगे।
- जवाबदेही तय: 'पवन पोर्टल' पर सही डेटा दर्ज न करने और लापरवाही बरतने वाले जिलाधिकारियों/अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस।
खेत स्तर पर निगरानी और बेलर मशीनों के टेंडर में तेजी
मुख्य सचिव ने धान की पराली (Paddy Straw) के प्रभावी प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन में किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि बेलर और अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रियाओं को तत्काल पूरा कराया जाए। साथ ही खेत स्तर पर निगरानी टीमें गठित करने और किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर शिकंजा, सड़कों की होगी मरम्मत
औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। मानकों की अनदेखी करने वाले उद्योगों को नोटिस जारी करने के साथ आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) लगाने के लिए बाध्य किया जाएगा।
"लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निकायों और आवास विकास से जुड़ी क्षतिग्रस्त सड़कों व गड्ढों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए ताकि रोड डस्ट से होने वाले वायु प्रदूषण को रोका जा सके।"
EV सिटी बसें, चार्जिंग स्टेशंस और 'पवन पोर्टल' पर रियल-टाइम डेटा
- ई-मोबिलिटी को बढ़ावा: नगरीय क्षेत्रों में प्रदूषण घटाने के लिए इलेक्ट्रिक सिटी बसों की खरीद प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
- चार्जिंग नेटवर्क: संभावित चार्जिंग लोकेशंस चिन्हित कर नेडा (UPNEDA) को तत्काल उपलब्ध कराई जाएंगी।
- पवन पोर्टल (PAWAN Portal): वायु गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े सभी विभागों को पोर्टल पर सटीक और अद्यतन डेटा अनिवार्य रूप से फीड करने को कहा गया है।
- अनफिट वाहनों पर जब्ती: मियाद पूरी कर चुके और अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों (End-of-Life Vehicles) को जब्त करने के अभियान में तेजी लाई जाएगी।

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