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नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से प्रलय: 105 भारतीयों समेत सैकड़ों लोग लापता, पुल-सड़कें बहे; राहत अभियान तेज

नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से भीषण तबाही: 105 भारतीयों समेत सैकड़ों लोग लापता, कई पुल व सड़कें बहे; यूपी-बिहार सीमा पर अलर्ट

📍 स्थान: काठमांडू / रासुवा, नेपाल | 📅 दिनांक: 26 अगस्त 2026 | 🌊 श्रेणी: अंतरराष्ट्रीय समाचार, प्राकृतिक आपदा एवं बचाव अभियान

काठमांडू: नेपाल-तिब्बत सीमा से सटे पर्वतीय जिले रासुवा में भोटेकोशी नदी के उफान पर आने से प्रलयंकारी बाढ़ आ गई है। पानी के तेज बहाव में दर्जनों मकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, वाहन और प्रमुख पुल बह गए हैं। इस भीषण त्रासदी में कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों समेत सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।

📌 नेपाल बाढ़ आपदा: मुख्य बिंदु

  • प्रभावित क्षेत्र: रासुवा जिला (तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और रासुवागढ़ी सीमावर्ती इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित)।
  • लापता लोग: करीब 105 भारतीय नागरिकों के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और मलेशिया के सैलानी भी लापता।
  • बुनियादी ढांचे को क्षति: चीन-नेपाल संपर्क मार्ग, कई रणनीतिक पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स तबाह।
  • बचाव कार्य: नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल द्वारा दुर्गम इलाकों में हेलीकॉप्टर व बोट्स से सर्च ऑपरेशन।
  • भारत पर असर: त्रिशूली-गंडक नदी प्रणाली में जलस्तर बढ़ने की आशंका से उत्तर प्रदेश और बिहार के तराई जिलों में सतर्कता।

तिमुरे और स्याफ्रुबेसी में भारी तबाही, 105 भारतीयों की तलाश जारी

स्थानीय प्रशासन के अनुसार बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और रासुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में पड़ा है। चीन-नेपाल सीमा व्यापार मार्ग को जोड़ने वाले कई पक्के पुल और संपर्क सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।

प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जो वहां व्यापार, यात्रा या प्रोजेक्ट्स के सिलसिले में मौजूद थे। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन और मलेशिया के पर्यटकों के भी लापता होने की सूचना है।

खराब मौसम और मलबे से बचाव कार्य में बाधा

नेपाल सेना (Nepal Army) और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) द्वारा चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन का मलबा बड़ी चुनौती बन रहा है।

"पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के कट जाने और संचार नेटवर्क ठप होने से दूरदराज के गांवों में फंसे लोगों तक पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से प्रभावितों तक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।"
— स्थानीय प्रशासन, रासुवा (नेपाल)

भारत के सीमावर्ती जनपदों में जलस्तर बढ़ने की आशंका

नेपाल की भोटेकोशी नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी प्रणाली में मिलती है, जिसका जलप्रवाह भारतीय सीमा में गंडक (नारायणी) नदी के रूप में प्रवेश करता है। इसके चलते:

  • उत्तर प्रदेश: महाराजगंज और कुशीनगर जनपदों में तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
  • बिहार: पश्चिमी चंपारण और वाल्मीकि नगर बैराज के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
  • आपदा प्रबंधन टीमों को बैराज डिस्चार्ज और जलस्तर के आंकड़ों पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अपील: प्रशासन ने नदी तटों के समीप रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा बाढ़ प्रभावित रास्तों की यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है।

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