गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना आयुक्त से की शिष्टाचार भेंट: पदोन्नति व ट्रांसफर पर जताया आभार, ACP और वेतन विसंगति पर मिला सकारात्मक भरोसा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश गन्ना पर्यवेक्षक संघ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार और प्रांतीय महामंत्री अमित सिंह बैस के संयुक्त नेतृत्व में लखनऊ स्थित विभागीय मुख्यालय पहुंचकर गन्ना आयुक्त सहित शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संघ ने पदोन्नति, पोस्टिंग और ट्रांसफर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाने के लिए शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
📌 वार्ता के मुख्य बिंदु एवं प्रमुख मांगें:
- सकारात्मक पहल का स्वागत: पदोन्नति व स्थानांतरण के मामलों में सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने पर आभार।
- संवर्ग की प्रमुख मांगें: वेतन विसंगति का निवारण, विभागीय परीक्षा, कैडर पुनर्गठन और एसीपी (ACP) का लाभ।
- गृह जनपद तैनाती: पर्यवेक्षकों को नियमों के तहत गृह जनपद व निकटवर्ती जिलों में तैनाती की मांग।
- शासनादेश अनुपालन: जिला व मंडल स्तर पर शासनादेशों के शत-प्रतिशत अनुपालन को लेकर चिंता दर्ज।
- आश्वासन: गन्ना आयुक्त द्वारा लंबित प्रकरणों पर अतिशीघ्र विभागीय आदेश जारी करने का भरोसा।
वेतन विसंगति, कैडर पुनर्गठन और ACP पर विस्तृत चर्चा
मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना पर्यवेक्षक संवर्ग से जुड़े विभिन्न नीतिगत और सेवा संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
- लंबे समय से लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने की प्रक्रिया को तेज करने का आग्रह किया गया।
- समयबद्ध विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं का आयोजन और कैडर पुनर्गठन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- पात्र कार्मिकों को एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन (ACP) का वित्तीय लाभ देने और नीति के अनुसार गृह जनपद में तैनाती पर विचार का अनुरोध किया गया।
जिला व मंडल स्तर पर शासनादेशों के अनुपालन पर जताई चिंता
संघ के पदाधिकारियों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि कुछ जिलों और मंडलों में स्थानीय अधिकारियों द्वारा संघ के पत्राचार पर त्वरित संज्ञान नहीं लिया जाता और मुख्यालय से जारी शासनादेशों के अनुपालन में शिथिलता बरती जाती है।
"गन्ना आयुक्त महोदय ने संघ की सभी मांगों को बेहद गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि संवर्ग की समस्याओं के समाधान हेतु अतिशीघ्र आवश्यक विभागीय आदेश व दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।"


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