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'कतई परेशान न हों आमजन, गोदामों में 179 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध': सीएम योगी ने दिए स्टॉक वेरिफिकेशन और सख्त निगरानी के निर्देश

प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: CM योगी ने की समीक्षा, जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से शुरू होंगी मिलें

📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 📅 दिनांक: 22 अगस्त 2026 | 🌾 श्रेणी: कृषि, आपूर्ति एवं शासन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी की उपलब्धता को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए आम नागरिक किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाह में न आएं। वर्तमान में प्रदेश की विभिन्न चीनी मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी का सुरक्षित स्टॉक उपलब्ध है।

📌 समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु व आंकड़े:

  • कुल चीनी स्टॉक: प्रदेश की मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडारण।
  • बाजार में आपूर्ति: जून और जुलाई में मिलों द्वारा 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री पूरी।
  • पेराई सत्र निर्देश: जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू करने का आदेश।
  • स्टॉक सीमा के कड़े नियम: डीलरों के लिए अधिकतम 30 दिन व 400 टन स्टॉक की सीमा तय।
  • गन्ना भुगतान: पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को ₹32,554 करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान।

चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक का पूरा ब्योरा

समीक्षा बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार राज्य में चीनी का वितरण इस प्रकार है:

  • निजी चीनी मिलें: 150.50 लाख कुंतल
  • सहकारी चीनी मिलें: 23.60 लाख कुंतल
  • निगम की चीनी मिलें: 5.28 लाख कुंतल

इसके अलावा, जून और जुलाई के दौरान खुले बाजार के लिए जारी किए गए 235 लाख कुंतल कोटे की अधिकांश चीनी वर्तमान में बाजार में सुगमता से उपलब्ध है, जिससे किसी भी प्रकार के अभाव की स्थिति नहीं है।

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त स्टॉक लिमिट

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कृत्रिम कमी दिखाकर कीमतें बढ़ाने का प्रयास करने वाले जमाखोरों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

"भारत सरकार के मानकों के अनुसार, कोई भी चीनी डीलर 30 दिन से अधिक या 400 टन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकता। 10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत वाले बल्क कंज्यूमर्स के लिए 15 दिन की स्टॉक लिमिट तय है। मिलें भी बिक चुकी चीनी को 7 दिन से अधिक गोदामों में नहीं रोकेंगी।"

जिलाधिकारियों को गोदामों के भौतिक सत्यापन के आदेश

सभी जिलाधिकारियों (DMs) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में चीनी मिलों, थोक विक्रेताओं और बड़े खुदरा व्यापारियों के गोदामों की नियमित जांच व भौतिक सत्यापन कराएं। यदि कहीं भी तय सीमा से अधिक भंडारण या जमाखोरी पाई जाती है, तो तत्काल प्रभाव से जब्ती और विधिक कार्रवाई की जाए।

आगामी पेराई सत्र और गन्ने की स्थिति

बैठक में बताया गया कि आगामी पेराई सत्र 2026-27 के लिए राज्य में लगभग 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है, जिससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। प्रदेश की मासिक औसत खपत करीब 4 लाख टन है, जिसके मुकाबले वर्तमान व आगामी उत्पादन राज्य की जरूरतों से कहीं अधिक है।

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