शिक्षकों की तैयारी को मिलेगी नई गति, कक्षा में और प्रभावी होगी पढ़ाई: योगी सरकार ने 75 जिलों में संदर्शिका और शिक्षक डायरी के लिए जारी किए ₹3.81 करोड़ से अधिक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जिलों में शिक्षकों को अकादमिक संसाधन उपलब्ध कराने हेतु **₹3.81 करोड़ से अधिक (₹381.15 लाख)** की वित्तीय लिमिट जारी की गई है। इसके तहत कक्षा 1 से 5 तक के हिंदी व गणित शिक्षकों को संदर्शिका व शिक्षक डायरी तथा कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों को एलईपी मद में संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
📊 वित्तीय आवंटन का विस्तृत ब्योरा (Budget Allocation Breakdown)
| मद / विवरण | कक्षा श्रेणी | स्वीकृत धनराशि (रुपये में) |
|---|---|---|
| संदर्शिका मुद्रण (हिंदी व गणित) | कक्षा 1 से 5 | ₹172.35 लाख |
| शिक्षक डायरी मुद्रण | कक्षा 1 से 5 | ₹152.91 लाख |
| मुद्रित सामग्री का परिवहन व्यय | कक्षा 1 से 5 | ₹13.27 लाख |
| एलईपी (LEP) मद (परिषदीय व KGBV) | कक्षा 6 से 8 | ₹42.61 लाख |
| कुल स्वीकृत बजट | ₹3,81,15,000 (3.81 करोड़+) | |
💡 संदर्शिका और शिक्षक डायरी से कैसे बेहतर होगी शिक्षण योजना?
- प्रभावी पाठ योजना: संदर्शिका के माध्यम से शिक्षक पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु को बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार आसानी से प्रस्तुत कर सकेंगे।
- व्यवस्थित कार्ययोजना: शिक्षक डायरी के जरिए शिक्षक दैनिक व साप्ताहिक शिक्षण गतिविधियों, पाठ की पूर्व तैयारी और कक्षा-कक्ष की कार्ययोजना को अधिक व्यवस्थित कर सकेंगे।
- उच्च प्राथमिक स्तर को बल: कक्षा 6 से 8 के परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) के शिक्षकों को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित रखने के बजाय अतिरिक्त शैक्षणिक सामग्री मिलेगी।
⏱️ समयबद्ध वितरण के सख्त निर्देश
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संदर्शिका और शिक्षक डायरी का वितरण विद्यालय स्तर तक समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि शिक्षकों को सत्र के दौरान सामग्री का इंतजार न करना पड़े। भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय नियमों एवं PFMS कंपोनेंट कोड का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
“बेहतर कक्षा की शुरुआत बेहतर तैयारी से होती है। योगी सरकार का प्रयास है कि शिक्षक को पाठ की तैयारी से लेकर प्रभावी शिक्षण तक हर स्तर पर जरूरी शैक्षिक सहयोग मिले। संदर्शिका और शिक्षक डायरी इसी शिक्षक-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने की पहल हैं। हमारा लक्ष्य है कि इन संसाधनों का प्रभाव सीधे कक्षा-कक्ष में दिखाई दे और बच्चों को सीखने के अधिक प्रभावी अवसर मिलें।”
— संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश

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