वैज्ञानिक सोच को नई उड़ान: योगी सरकार ने 'विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM)-2026' को दी गति; कक्षा 6 से 11 के छात्र 30 सितंबर तक करा सकेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने और भारतीय वैज्ञानिक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। इसी क्रम में विज्ञान भारती (विभा) द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी डिजिटल विज्ञान प्रतिभा खोज प्रतियोगिता **'विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM)-2026-27'** में उत्तर प्रदेश के अधिकतम विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
📅 30 सितंबर 2026 तक होंगे ऑनलाइन पंजीकरण
अपर मुख्य सचिव (बेसिक व माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देशों के अनुसार:
- पात्रता: कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे।
- अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026 तक VVM पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा।
- पंजीकरण शुल्क: प्रति विद्यार्थी ₹200 निर्धारित है।
- फीस में रियायत: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की छात्राओं के स्टाइपेंड तथा माध्यमिक स्कूल के छात्रों की छात्रवृत्ति राशि का उपयोग फीस भुगतान के लिए किया जा सकता है।
🏆 तीन चरणों में होगी प्रतिभाओं की पहचान
विज्ञान प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच देने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन तीन स्तरों पर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा:
- विद्यालय स्तर (School Level)
- राज्य स्तर (State Level)
- राष्ट्रीय स्तर (National Level)
यह प्रतियोगिता भारत के साथ-साथ 6 मध्य-पूर्वी (Middle-East) देशों में भी आयोजित की जा रही है, जो विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देती है।
🧬 भारतीय वैज्ञानिक विरासत और अनुसंधान से जुड़ेंगे बच्चे
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की प्राचीन और आधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों, देश के महान वैज्ञानिकों के योगदान और आधुनिक अनुसंधान संस्कृति (AI, नवाचार, तार्किक चिंतन) से परिचित कराना है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की भावना के अनुरूप अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) को बढ़ावा देगा।
“योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा विकसित करना है। 'विद्यार्थी विज्ञान मंथन' केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय वैज्ञानिक विरासत और अनुसंधान की संस्कृति से जोड़ने का सशक्त अभियान है। उत्तर प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभावान छात्र इसका लाभ उठाए।”
— संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

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