ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा सुरक्षा में साझेदारी करेंगे यूपी और यामानाशी: जापानी गवर्नर कोटारो नागासाकी ने किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन, योगी सरकार के क्राउड मैनेजमेंट की सराहना
वाराणसी: जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने उत्तर प्रदेश और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को ऐतिहासिक ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता दोहराई है। रविवार को जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने घोषणा की कि यामानाशी प्रांत और उत्तर प्रदेश सरकार ग्रीन हाइड्रोजन सिस्टम सहित विभिन्न अत्याधुनिक क्षेत्रों में मिलकर कार्य करेंगे।
📌 जापानी दल के काशी दौरे के मुख्य बिंदु:
- प्रमुख साझेदारी: ग्रीन हाइड्रोजन सिस्टम, स्वच्छ ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास में यूपी-यामानाशी सहयोग।
- आध्यात्मिक दर्शन: 15 सदस्यीय उच्चस्तरीय जापानी दल ने किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: जापानी मेहमानों ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ लगाए "हर-हर महादेव" के जयघोष।
- प्रशासनिक प्रशंसा: सावन मास में कांवड़ियों की भारी भीड़ के बीच योगी सरकार के क्राउड मैनेजमेंट की खुली सराहना।
- निवेश पृष्ठभूमि: 'यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026' के तहत 200+ सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल आया है भारत।
ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा सुरक्षा से विश्व शांति की पहल
गवर्नर कोटारो नागासाकी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है।
"हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर विकास के नए आयाम स्थापित करना चाहते हैं। हमारी प्रमुख पहल ग्रीन हाइड्रोजन सिस्टम के जरिए सतत विकास को गति देना है। ऊर्जा सुरक्षा न केवल आर्थिक प्रगति लाती है, बल्कि विश्व शांति की स्थापना में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। काशी आकर ईश्वर के प्रति श्रद्धालुओं की अगाध आस्था ने हमें गहराई से प्रभावित किया है।"
— कोटारो नागासाकी (गवर्नर, यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान)
रुद्राक्ष माला से स्वागत, गूंजा 'हर-हर महादेव'
श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने पर मंदिर न्यास के एसडीएम शंभू शरण ने जापानी मेहमानों का अंगवस्त्र और रुद्राक्ष की माला पहनाकर पारंपरिक सत्कार किया।
मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने जब जापानी दल का स्वागत "हर-हर महादेव" के उद्घोष से किया, तो जापानी प्रतिनिधियों ने भी हाथ जोड़कर पूरे उत्साह के साथ जयकारे लगाए, जिससे भारत-जापान के आध्यात्मिक रिश्तों का अनुपम दृश्य साकार हुआ।
सारनाथ भ्रमण से नमो घाट तक काशी की सांस्कृतिक यात्रा
काशी प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण किया और शाम को नमो घाट पर भव्य गंगा आरती में सहभागिता की।
उल्लेखनीय है कि 200 से अधिक सदस्यीय जापानी व्यापारिक दल 'यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026' के सिलसिले में लखनऊ पहुंचा था, जहां दोनों पक्षों के मध्य निवेश, कौशल विकास और तकनीक हस्तांतरण से जुड़े कई अहम सहमति पत्रों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।


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