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ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं के सिंडिकेट का भंडाफोड़: कन्हैया फार्मा सील, फर्जी बिलिंग के जरिए सप्लाई कर रहे थे ट्रामाडोल व कोडीन सिरप

नशामुक्त यूपी अभियान को बड़ी सफलता: लखनऊ में ANTF और FSDA की संयुक्त कार्रवाई, 228 किलो नशीली दवाएं जब्त; 6 तस्कर गिरफ्तार व कन्हैया फार्मा सील

📍 स्थान: ट्रांसपोर्ट नगर, लखनऊ | 📅 दिनांक: 04 सितंबर 2026 | 🚨 श्रेणी: अपराध, ड्रग भंडाफोड़ एवं कानून-व्यवस्था

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की संयुक्त टीम ने राजधानी लखनऊ में नशीली दवाओं के एक अंतरराज्यीय संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ट्रांसपोर्ट नगर में की गई इस बड़ी छापेमारी में लगभग 228 किलोग्राम नशीली दवाएं बरामद की गई हैं, जिनकी बाजार में भारी कीमत है। मामले में 6 आरोपियों को दबोचते हुए कन्हैया फार्मा को मौके पर सील कर दिया गया।

📌 ड्रग भंडाफोड़ अभियान के मुख्य बिंदु:

  • कुल बरामदगी: लगभग 228 किलोग्राम नशीली और प्रतिबंधित दवाएं।
  • जब्त सामग्री: 9.60 लाख एल्प्राजोलाम टैबलेट, 1.20 लाख ट्रामाडोल कैप्सूल और 720 बोतल कोडीन कफ सिरप।
  • गिरफ्तारी: सिंडिकेट से जुड़े 6 मुख्य सप्लायर व फर्जी बिलिंग करने वाले गिरफ्तार।
  • प्रशासनिक कार्रवाई: कन्हैया फार्मा सील; 7 मोबाइल फोन और ₹11,140 नकद बरामद।
  • डिजिटल साक्ष्य: पूरी कानूनी कार्रवाई और जब्ती की वीडियोग्राफी 'ई-साक्ष्य' (e-Sakshya) ऐप के जरिए रिकॉर्ड।

📊 जब्त नशीली दवाओं एवं सामग्री का विवरण

दवा / वस्तु का नाम सॉल्ट / तकनीकी श्रेणी जब्त मात्रा
एल्जोमैक-0.5 (Alzamok-0.5) एल्प्राजोलाम (Alprazolam) 9,60,000 टैबलेट्स
स्पैसमोनाम प्लस (Spasmonam Plus) ट्रामाडोल एचसीएल (Tramadol HCl) 1,20,000 कैप्सूल्स
ओनेरेक्स सिरप (Onerex - 100ml) कोडीनयुक्त कफ सिरप (Codeine) 720 बोतलें
प्रॉक्सीमेक-एसपीएएस (कन्हैया फार्मा) प्रतिबंधित दर्द निवारक/नशीला कैप्सूल 1,116 डिब्बे
अन्य बरामदगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व नकदी 7 स्मार्टफोन, ₹11,140 नकद

ट्रांसपोर्ट नगर से खुली परतें: फर्जी बिलिंग और निरस्त लाइसेंस से खेल

एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को खुफिया सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित भवन संख्या एस-363/364 पर नशीली दवाओं का बड़ा जखीरा उतारा गया है। 3 सितंबर को घेराबंदी के दौरान तीन युवक कार्टूनों को बोरियों में छिपाते पकड़े गए। मौके से किशन वासवानी, समीर अहमद और शाद इरशाद को गिरफ्तार किया गया।

सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि दवाओं की मुख्य आपूर्ति कन्हैया फार्मा के संचालक उमेश कुमार द्वारा की जा रही थी। उमेश कथित तौर पर सतेन्द्र सिंह की वैध फर्म के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नशीली दवाओं की फर्जी बिलिंग करता था और सतेन्द्र को इसके बदले कमीशन देता था। FSDA द्वारा कन्हैया फार्मा पर छापा मारे जाने पर वहां खरीद-बिक्री के वैध रिकॉर्ड नहीं मिले, जिसके बाद प्रतिष्ठान को तुरंत सील कर दिया गया।

अमीनाबाद से निरस्त लाइसेंस वाले विशाल चौरसिया की संलिप्तता

पूछताछ में आगे विशाल चौरसिया का नाम उजागर हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि पूर्व में अमीनाबाद थाने में कोडीन तस्करी के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद उसका मेडिकल लाइसेंस रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद वह अन्य बेनामी फर्मों की आड़ में प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति कर रहा था। विशाल ने कोडीन सिरप बृजेश वर्मा से खरीदने की बात कबूल की है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज, सप्लाई चेन के खात्मे की तैयारी

"गिरफ्तार सभी छह अभियुक्तों—किशन वासवानी, समीर अहमद, शाद इरशाद, उमेश कुमार, सतेन्द्र सिंह और विशाल चौरसिया के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/21/22/29 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की गई है। दवाओं का नियमानुसार अदालत के समक्ष नमूनाकरण कराया जा रहा है। अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचकर पूरे सिंडिकेट को खत्म किया जाएगा।"
— एएनटीएफ (ANTF) लखनऊ यूनिट
सख्त संदेश: उत्तर प्रदेश शासन की यह कार्रवाई दर्शाती है कि नशे के खिलाफ अभियान केवल फुटकर विक्रेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध बिलिंग, थोक वितरण और प्रतिबंधित दवाओं की पूरी अंतरराज्यीय सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए एजेंसियां पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।

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