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IMD Monsoon Update: लखनऊ और पूर्वी यूपी में झमाझम बारिश के आसार; बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन कमजोर, लेकिन यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; लखनऊ में गरज-चमक की चेतावनी

📍 स्थान: नई दिल्ली / लखनऊ | 📅 दिनांक: 25 सितंबर 2026 | 🌧️ श्रेणी: मौसम पूर्वानुमान, आईएमडी अलर्ट एवं मॉनसून अपडेट

नई दिल्ली/लखनऊ: बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ चक्रवाती दबाव (Deep Depression) तट पार करने के उपरांत अब आंतरिक भागों में पहुंचकर धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। यद्यपि इसकी तीव्रता कम हुई है, परंतु इसके व्यापक अवशेषी प्रभाव के चलते ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित मध्य व पूर्वी भारत के विस्तृत भूभाग में मूसलाधार बारिश का क्रम बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मौसमी प्रणाली उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में अग्रसर है। इसके असर से उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।

📌 मौसम विभाग (IMD) के प्रमुख अलर्ट व अपडेट्स:

  • सिस्टम की स्थिति: दक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ पर केंद्रित डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए आगामी 24 घंटे में और कमजोर होगा।
  • उत्तर प्रदेश में येलो अलर्ट: लखनऊ सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में रुक-रुककर तेज बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका।
  • तटीय राज्यों में जलभराव: ओडिशा एवं उत्तरी आंध्र प्रदेश में भारी से अत्यंत भारी वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित।
  • पूर्वी व मध्य भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में व्यापक वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी।
  • सुरक्षा एडवाइजरी: आकाशीय बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों और ऊंचे पेड़ों के नीचे न खड़े होने की अपील।

📊 राज्यवार मौसमी चेतावनी एवं संभावित प्रभाव

राज्य / क्षेत्र मौसम विभाग का अलर्ट स्तर संभावित मौसमी गतिविधियां
उत्तर प्रदेश (विशेषकर पूर्वी भाग) येलो अलर्ट (Be Updated) गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम व कुछ स्थानों पर भारी वर्षा, वज्रपात की आशंका।
ओडिशा एवं आंध्र प्रदेश ऑरेंज / भारी वर्षा अलर्ट भारी से बहुत भारी वर्षा, तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं, जलजमाव।
बिहार, झारखंड व प. बंगाल सघन निगरानी / सतर्कता अलर्ट आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम।
छत्तीसगढ़, तेलंगाना व महाराष्ट्र भारी वर्षा चेतावनी नदियों के जलस्तर में वृद्धि, स्थानीय नालों का उफान व तीव्र मानसूनी बौछारें।

लखनऊ समेत पूरे यूपी में पारे में गिरावट, बादलों का डेरा

मौसम प्रणाली के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में पर्याप्त नमी प्रवेश कर रही है। राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और आसपास के तराई व पूर्वांचल के जनपदों में आसमान में घने बादलों की आवाजाही जारी है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक रुक-रुक कर रिमझिम व मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इससे अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, किसानों को कटी या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का सुझाव दिया गया है।

डीप डिप्रेशन की वर्तमान स्थिति और चक्रवाती परिसंचरण

"तटीय रेखा पार करने के बाद डीप डिप्रेशन का दबाव क्षेत्र दक्षिण ओडिशा और सीमावर्ती दक्षिण छत्तीसगढ़ पर स्थिर हुआ है। जमीन से घर्षण के कारण यह चक्रवाती परिसंचरण आगामी 24 घंटों में अवदाब (Depression) और कालांतर में निम्न दबाव के क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) में तब्दील हो जाएगा। फिर भी इसके नमीदार बादल मध्य और पूर्वी भारत में वर्षा की गतिविधियां तीव्र रखेंगे।"
— भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD बुलेटिन)

नागरिकों और यात्रियों के लिए आवश्यक सुरक्षा सावधानियां

आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम वैज्ञानिकों ने खराब मौसम के दौरान जनसामान्य को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  • वज्रपात से बचाव: बिजली कड़कने की स्थिति में किसी भी परिस्थिति में ऊंचे वृक्षों, बिजली के खंभों या धातु के ढांचों की शरण न लें।
  • वाहन चालक सतर्क रहें: तेज वर्षा के समय दृश्यता (Visibility) कम होने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने के कारण गति नियंत्रित रखें।
  • जलजमाव से दूरी: खुले नालों और जलमग्न सड़कों से दूर रहें ताकि करंट या जलभराव जनित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
मौसम सार: डीप डिप्रेशन का तटवर्ती प्रभाव भले ही मंद पड़ रहा हो, लेकिन उत्तर भारत के संक्रमण काल में यह मौसमी बदलाव सितंबर माह के अंत में मानसूनी फुहारों को संजीवनी दे रहा है। अगले 48 घंटे मध्य एवं पूर्वी भारत के लिए अत्यंत संवेदनशील बने रहेंगे।

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