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अधिवक्ताओं को सालाना 5 लाख तक कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस: हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में सीएम योगी की बड़ी घोषणाएं, चैंबर व टैबलेट के लिए सहयोग

अधिवक्ताओं को मिलेगा सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में सीएम योगी की बड़ी घोषणाएं; चैंबर, टैबलेट और कल्याण निधि में भारी बढ़ोतरी

📍 स्थान: प्रयागराज / लखनऊ | 📅 दिनांक: 14 सितंबर 2026 | ⚖️ श्रेणी: न्यायिक सुधार, अधिवक्ता कल्याण एवं शासन नीति

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के भव्य सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिवक्ता समाज के लिए ऐतिहासिक घोषणाओं की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हाईकोर्ट और जिला अदालतों में प्रैक्टिस कर रहे सभी सक्रिय अधिवक्ताओं को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस देने का ऐलान किया। इसके साथ ही अधिवक्ताओं के 10 हजार से अधिक चैंबरों के लिए फर्नीचर-उपकरण सहयोग, 400 राज्य विधि अधिकारियों को डिजिटल टैबलेट वितरण, उनकी फीस में 50% से अधिक वृद्धि और अधिवक्ता कल्याण निधि को बढ़ाकर ₹5 लाख करने की सौगात दी।

📌 मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं एवं न्यायिक सुधार:

  • कैशलेस स्वास्थ्य बीमा: हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों के अधिवक्ताओं को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा।
  • अधिवक्ता कल्याण निधि में वृद्धि: सहायता राशि ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की गई; पात्रता आयु 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष हुई।
  • राज्य विधि अधिकारियों को प्रोत्साहन: 400 सरकारी वकीलों को टैबलेट मिलेंगे, साथ ही फीस में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी।
  • ₹700 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर: प्रयागराज में 10 हजार से अधिक वकीलों के लिए चैंबर, मल्टीलेवल पार्किंग, लाइब्रेरी व डाइनिंग हॉल तैयार; भवन की चाबी सौंपी गई।
  • इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स: 10 जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसरों का निर्माण जारी; प्रथम चरण में 900 फास्ट ट्रैक व जनपदीय कोर्ट्स को मंजूरी।

📊 अधिवक्ता कल्याण एवं न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर: प्रमुख घोषणाओं का विवरण

योजना / मद पूर्व व्यवस्था नवीन स्वीकृत व्यवस्था
वार्षिक चिकित्सा सुरक्षा सीमित / व्यक्तिगत स्तर पर ₹5 लाख तक कैशलेस इंश्योरेंस
अधिवक्ता कल्याण निधि ₹1.50 लाख ₹5.00 लाख
कल्याण निधि पात्रता आयु सीमा अधिकतम 60 वर्ष बढ़ाकर 70 वर्ष की गई
राज्य विधि अधिकारी (400) पारंपरिक फाइलिंग व मानदेय डिजिटल टैबलेट + 50% अधिक फीस
अधिवक्ता चैंबर इंफ्रास्ट्रक्चर जर्जर व किराए के भवन ₹700 करोड़ से 10,000+ अत्याधुनिक चैंबर

"फ्यूचर रेडी बार ही रखेगी फ्यूचर रेडी जस्टिस सिस्टम की नींव": सीएम योगी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवा अधिवक्ताओं को केवल मुकदमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें संविधान के प्रहरी के रूप में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि आज न्याय प्रणाली के समक्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर क्राइम, डेटा प्राइवेसी, फिनटेक, आईपीआर (IPR) और क्लाइमेट लिटिगेशन जैसी आधुनिक चुनौतियां हैं, जिनके लिए बार को तकनीक-सक्षम बनना होगा।

"बार और बेंच न्याय के रथ के दो पहिए हैं। दोनों के बीच निरंतर संवाद, सम्मान और समन्वय लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनिवार्य है। स्वाधीनता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण तक महात्मा गांधी, मोतीलाल नेहरू, महामना मालवीय, सरदार पटेल, डॉ. आंबेडकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे विधिक मनीषियों का अप्रतिम योगदान रहा है। उसी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)

न्यायिक प्रणाली का कायाकल्प: विटनेस प्रोटेक्शन से 'न्याय श्रुति' तक

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले और वर्तमान परिस्थितियों का तुलनात्मक उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में 10 जनपदों में अदालतें किराए के अस्थायी भवनों में चलती थीं और पुलिस बल की प्रशिक्षण क्षमता मात्र 3,000 थी, जिसे बढ़ाकर अब 60,000 प्रतिवर्ष किया गया है।

  • प्रभावी विटनेस प्रोटेक्शन: गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित होने से गंभीर अपराधों में कनविक्शन रेट (सजा दर) में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
  • न्याय श्रुति व वर्चुअल पेशी: जेलों और न्यायालयों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज करने की प्रणाली प्रभावी हुई।
  • डिजिटल अभियोजन: ऑनलाइन चार्जशीट, साक्ष्यों की फोरेंसिक प्रस्तुति और न्यायालय अभिलेखों की तेज स्कैनिंग व डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया गया।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी व इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स

प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयागराज और माघ मेले से जुड़े संस्मरणों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके कृतज्ञता स्वरूप प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त 10 जनपदों में बनने वाले इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसरों में अधिकारियों के आवास, वकीलों के चैंबर, इनडोर स्टेडियम और सस्ती कैंटीन एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही हैं।

"निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं": केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रयागराज संगम के साथ-साथ न्याय की भी पावन भूमि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में औपनिवेशिक कानूनों को समाप्त कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू की गई है, जिससे ईज ऑफ जस्टिस को नई गति मिली है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की नीति स्पष्ट है—निर्दोष को छेड़ा नहीं जाएगा और अपराधी को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

समारोह में इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, वरिष्ठ न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', महाधिवक्ता अजय मिश्रा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे और महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा सहित हजारों अधिवक्ता उपस्थित रहे।

ऐतिहासिक पहल: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के लिए ₹5 लाख के कैशलेस बीमा, कल्याण निधि विस्तार और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था ने देश के सबसे बड़े विधिक कार्यक्षेत्र को सुरक्षा, सम्मान और आधुनिकता का सुरक्षा कवच प्रदान किया है।

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