बारिश से खराब सड़कों को तत्काल मोटरेबल बनाएं, बरसात के बाद कराएं स्थायी नवीनीकरण: सीएम योगी का लोक निर्माण विभाग को कड़ा निर्देश; 681 प्रमुख मार्ग चिन्हित
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में लगातार बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए सड़क नेटवर्क को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए सड़कों को तत्काल आवागमन योग्य (मोटरेबल) बनाया जाए और वर्षाकाल समाप्त होते ही उनका स्थायी नवीनीकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति का अभियान केवल रस्म अदायगी या पैचवर्क तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि कार्य में समयबद्धता और उच्च गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
📌 सड़क मरम्मत व गड्ढामुक्ति समीक्षा के मुख्य बिंदु:
- त्योहारी प्राथमिकता: गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा के मद्देनजर 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित।
- व्यापक नेटवर्क: 09 विभागों के अधीन आने वाले करीब 4.36 लाख किलोमीटर मार्गों की समग्र समीक्षा।
- लक्ष्य एवं प्रगति: 50,000 किमी गड्ढामुक्ति लक्ष्य के सापेक्ष 5,751 किमी पर कार्य पूर्ण; नए क्षतिग्रस्त मार्गों का दोबारा सर्वे जारी।
- सख्त निर्देश: अस्पताल, शिक्षण संस्थान, प्रमुख बाजार और सरकारी कार्यालयों को जोड़ने वाले मार्गों पर तत्काल शुरू हो मरम्मत कार्य।
- अंतर-विभागीय समन्वय: PWD, NHAI, मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास और नगर विकास मिलकर करेंगे काम।
📊 सड़क नवीनीकरण एवं गड्ढामुक्ति अभियान: लक्ष्य बनाम प्रगति
| कार्य का प्रकार | निर्धारित लक्ष्य (किमी) | वर्तमान प्रगति (किमी) |
|---|---|---|
| गड्ढामुक्ति अभियान | लगभग 50,000 किमी | 5,751 किमी पूर्ण |
| सड़क नवीनीकरण (Renewal) | लगभग 30,000 किमी | 14,000 किमी पूर्ण |
| विशेष मरम्मत (Special Repair) | लगभग 5,000 किमी | लगभग 700 किमी पूर्ण |
"सड़क आमजन की जीवनरेखा है, लापरवाही बर्दाश्त नहीं": मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क आम नागरिक के दैनिक जीवन से सीधा सरोकार रखती है। भारी बारिश और मेगा प्रोजेक्ट्स (एक्सप्रेस-वे, रेलवे, नेशनल हाईवे) के निर्माण के कारण भारी वाहनों के चलने से कई ग्रामीण व संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनका तत्काल विभागवार सर्वे कर लक्ष्य बढ़ाया जाए।
"आगामी त्योहारों में लाखों श्रद्धालुओं और नागरिकों का आवागमन होगा। शिक्षण संस्थानों, चिकित्सालयों और व्यस्त बाजारों को जोड़ने वाले मार्गों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। जहां सड़क बुरी तरह टूटी है, वहां उसे तुरंत मोटरेबल बनाएं ताकि जनता को हिचकोले न खाने पड़ें। बारिश रुकते ही इनका संपूर्ण और टिकाऊ नवीनीकरण किया जाए। गुणवत्ता में रत्ती भर भी समझौता नहीं होगा।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
681 पर्व मार्गों की विशेष निगरानी
समीक्षा के दौरान बताया गया कि गणेश चतुर्थी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों को देखते हुए पूरे प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्गों की पहचान की गई है। इन मार्गों पर शोभायात्राओं, मेलों और श्रद्धालुओं के बड़े जत्थों का आवागमन रहता है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), एनएचएआई, राज्य सेतु निगम और जिला प्रशासन को तालमेल बैठाकर इन मार्गों को समयबद्ध रूप से दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद रहे विभागीय मंत्री
उच्चस्तरीय बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, लोक निर्माण राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद तथा ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम सहित 9 संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

0 टिप्पणियाँ