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लखनऊ गणेशोत्सव: मनौतियों के राजा को लगा 108 किलो के मोदक का भोग, शुक्रवार को निकलेगी भव्य विसर्जन शोभा यात्रा; जानें रूट

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गजानन का महाअभिषेक: झूलेलाल वाटिका में मनौतियों के राजा को अर्पित हुआ 108 किलो का महामोदक; 2 लाख चिट्ठियों संग कल होगा भू-विसर्जन

📍 स्थान: झूलेलाल वाटिका, लखनऊ | 📅 दिनांक: 24 सितंबर 2026 | 🕉️ श्रेणी: धार्मिक उत्सव, गणेशोत्सव 2026 एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

लखनऊ: श्री गणेश प्राकट्य कमेटी के तत्वावधान में गोमती तट स्थित झूलेलाल वाटिका में आयोजित गणेशोत्सव के नौवें दिन गुरुवार को भगवान श्री गणेश का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य महाअभिषेक संपन्न हुआ। दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल और पंच फलों के रसों से गणपति के 1008 सहस्त्रनामों के पाठ के साथ अभिषेक किया गया। शाम को बप्पा को अर्पित किया गया 108 किलोग्राम का महामोदक श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।

📌 गणेशोत्सव एवं विसर्जन के प्रमुख आकर्षण:

  • पंचामृत व फलोत्सव महाअभिषेक: 1008 नामों के साथ दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, गंगाजल व 5 फलों के रस से हुआ अभिषेक।
  • 108 किलो का महामोदक: कोलकाता के भजन गायक संजय शर्मा के भजनों के बीच मनौतियों के राजा को अर्पित हुआ विशाल मोदक भोग।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: 'राधा-कृष्ण महारास' एवं 'शिव बारात' नृत्य नाटिका के मंचन ने दर्शकों को भावविभोर किया।
  • 2 लाख मनोकामना चिट्ठियां: 10 दिनों में श्रद्धालुओं द्वारा लिखी गईं 2 लाख से अधिक अर्जियां प्रतिमा के साथ भू-विसर्जित की जाएंगी।
  • शुक्रवार को विसर्जन शोभा यात्रा: दोपहर 3 बजे झूलेलाल वाटिका से निकलेगी भव्य रथ यात्रा, झूलेलाल घाट पर होगा पर्यावरण अनुकूल भू-विसर्जन।

📊 विसर्जन शोभा यात्रा: मार्ग एवं प्रमुख आकर्षण

विवरण कार्यक्रम की रूपरेखा
समय व प्रस्थान स्थल शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे, झूलेलाल वाटिका प्रांगण
शोभा यात्रा मार्ग झूलेलाल वाटिका ➔ विश्वविद्यालय मार्ग ➔ आईटी चौराहा ➔ रामकृष्ण मठ ➔ शंकरनगर चौराहा ➔ नजीरगंज ➔ डालीगंज ➔ झूलेलाल घाट
लवाजमा व आकर्षण दर्जनों झांकियां, सुसज्जित बग्घी, पारंपरिक बैंड, घुड़सवार और पुष्पों से आच्छादित सिद्धविनायक रथ
विसर्जन विधि व प्रसाद पर्यावरण संरक्षण हेतु गोमती तट पर भू-विसर्जन; 108 किलो महामोदक का भक्तों में वितरण

पंचामृत और फलों के रस से गूंजे 1008 पावन नाम

महाअभिषेक अनुष्ठान में समिति के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और उनके परिवारजनों ने पूर्ण विधि-विधान से आहुतियां दीं। आम श्रद्धालुओं को भी भगवान के विग्रह का अभिषेक करने का सुअवसर मिला, जिससे दिनभर पांडाल में भक्तों का तांता लगा रहा। दूध, दही, मधु और मौसमी फलों के रस की सहस्त्र धाराओं से गणपति बप्पा का श्रृंगार किया गया।

108 किलो का महामोदक और भक्ति से सराबोर शाम

शाम की महाआरती के दौरान 108 किलो का महामोदक बप्पा के दरबार में प्रस्तुत किया गया। कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल, पार्षद रंजीत सिंह, जय करन सिंह, अखिलेश बंसल, संजय सिंह गांधी, गोपाल अग्रवाल, सुधांशु बाथम सहित महिला विंग की संध्या बंसल, उषा अग्रवाल, रुक्मणी अग्रवाल, अंशु बंसल, विमी बंसल, नेहा बंसल, नीरजा सिंह, अंजू गुप्ता, अनुराधा गोयल और कविता अग्रवाल ने सपरिवार यह महाभोग अर्पित किया।

"108 किलो का लड्डू तेरे लिए ले आये, बप्पा क्यों न भोग लगाये..."
— कोलकाता से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक संजय शर्मा के सुरों पर झूमे भक्तगण

भजनों के उपरांत संजय शर्मा के निर्देशन में 'राधा-कृष्ण महारास' और मनोहारी 'शिव बारात' नृत्य नाटिका का मंचन हुआ। देर शाम तक चले भजन संध्या सत्र में “गणपति तेरा नाम है सहारा हमारा” और “दुनियादारी छोड़ के आया तेरे द्वार पे” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।

2 लाख मनोकामना पत्रों के साथ होगा बप्पा का भू-विसर्जन

कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने जानकारी दी कि 10 दिवसीय महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं और समस्याओं को लेकर लगभग दो लाख पत्र (चिट्ठियां) गणपति बप्पा के चरणों में समर्पित किए हैं। नदी प्रदूषण की रोकथाम के दृष्टिगत इन सभी पत्रों को भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ झूलेलाल घाट पर वैदिक रीति से भू-विसर्जित किया जाएगा।

अंतिम दिवस का संदेश: राजधानी का यह प्रतिष्ठित गणेशोत्सव पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और अटूट आस्था की मिसाल पेश कर रहा है। शुक्रवार को निकलने वाली विसर्जन शोभा यात्रा में शहरभर के हजारों श्रद्धालु शामिल होकर बप्पा को अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना के साथ विदाई देंगे।

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