IT चौराहे पर फिर धंसी सड़क, गहरे गड्ढे में गिरा बाइक सवार: लखनऊ विश्वविद्यालय और काल्विन कॉलेज मार्ग पर बड़ा हादसा टला; जल निगम व PWD की कार्यप्रणाली पर सवाल
लखनऊ: राजधानी के अतिव्यस्त आईटी (IT) चौराहे से हनुमान सेतु की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बुधवार को एक बार फिर सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के बीच सड़क पर बने गहरे गड्ढे में एक बाइक सवार गिर पड़ा, जिसे आसपास मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल बाहर निकाला। यह वही संवेदनशील मार्ग है जहां से रोज लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) और काल्विन तालुकदार्स कॉलेज के हजारों छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं।
📌 आईटी चौराहा मार्ग पर सड़क धंसने के मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: आईटी चौराहे से हनुमान सेतु की ओर जाने वाली लेन (मेट्रो पिलर व एलिवेटेड ट्रैक के समीप)।
- ताजा हादसा: बारिश के कारण अचानक से धंसी गड्ढे में बाइक सवार गिरा, बाल-बाल बची जान।
- संवेदनशील क्षेत्र: लखनऊ विश्वविद्यालय, काल्विन तालुकदार्स कॉलेज और वीआईपी आवासों का मुख्य संपर्क मार्ग।
- विभागीय विफलता: पूर्व में भी जल निगम और PWD के विवाद के कारण महीनों लटकी रही थी मरम्मत, अब दोबारा धंसी सड़क।
- स्थानीय मांग: मौके पर तुरंत मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और मिट्टी धंसने की तकनीकी जांच कराकर स्थायी समाधान।
मेट्रो स्टेशन और पिलर के पास भू-धंसाव, सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता
यह मार्ग केवल आम रास्ता नहीं, बल्कि ट्रांस-गोमती को शहर के प्रमुख शैक्षणिक और प्रशासनिक केंद्रों से जोड़ने वाली मुख्य धमनी है। घटनास्थल के ठीक ऊपर से लखनऊ मेट्रो का एलिवेटेड ट्रैक गुजर रहा है और कुछ ही दूरी पर लखनऊ विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पिलर मौजूद हैं।प्रांतीय निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ ने बताया कि लीकेज की वजह से सड़क धंसी है। मेट्रो पुल के नीचे मरम्मत से जुड़ा काम करवाया जा रहा है
सड़क के लगातार धंसने से मेट्रो पिलर और भूमिगत उपयोगिताओं (पाइपलाइनों) की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। भारी बारिश में गड्ढे में पानी भर जाने से दोपहिया व ऑटो चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे कभी भी कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है।
📊 प्रभावित मार्ग एवं संबंधित प्रमुख प्रतिष्ठान
| संस्थान / बिंदु | प्रभाव व आवागमन की स्थिति |
|---|---|
| लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) | हजारों छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों व शिक्षकों का दैनिक मुख्य संपर्क मार्ग |
| काल्विन तालुकदार्स कॉलेज | सैकड़ों स्कूली बच्चों और स्कूल बसों का नियमित आवागमन |
| लखनऊ मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर | एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक और स्टेशन पिलर के बेस से सटा क्षेत्र |
| वीआईपी क्षेत्र | राज्यसभा सांसद व पूर्व उपमुख्यमंत्री के आवास के निकट का क्षेत्र |
जल निगम और PWD के विवाद में पहले भी खिंची थी मरम्मत
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का कहना है कि इसी स्थान पर कुछ महीने पहले भी सड़क का बड़ा हिस्सा धंसा था। उस समय सीवर/पेयजल पाइपलाइन लीकेज को लेकर जल निगम और सड़क निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच जिम्मेदारी को लेकर हफ्तों तक पत्राचार चलता रहा था।
"महीनों बाद जैसे-तैसे सड़क पर पैचवर्क कर इतिश्री कर ली गई थी, लेकिन भूमिगत सीपेज और मिट्टी के बहाव का स्थायी इलाज नहीं ढूंढा गया। पहली ही तेज बारिश ने विभागीय मरम्मत की पोल खोल दी। यदि तुरंत बैरिकेडिंग और पक्की मरम्मत नहीं हुई तो रात के अंधेरे में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।"
— स्थानीय नागरिक व राहगीर
तुरंत बैरिकेडिंग और तकनीकी जांच की मांग
क्षेत्रीय नागरिकों और विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि:
- दुर्घटना संभावित गड्ढे के चारों ओर तुरंत मजबूत रिफ्लेक्टिव बैरिकेडिंग और लाल बत्ती वाले चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
- केवल ऊपर से गिट्टी-डामर डालने के बजाय जियो-टेक्निकल इंजीनियरों से जांच कराई जाए कि नीचे की मिट्टी क्यों खिसक रही है।
- जल निगम की पाइपलाइन के लीकेज को ठीक कर PWD द्वारा गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण कराया जाए।


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