विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस: नवयुग कन्या महाविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग ने दिलाई जीवन रक्षा की शपथ; मानसिक स्वास्थ्य पर खुला संवाद
लखनऊ: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) के अवसर पर नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेन्द्र नगर के मनोविज्ञान विभाग की छात्र इकाई 'अभिव्यक्ति क्लब' द्वारा विद्यार्थियों को आत्महत्या रोकथाम एवं जीवन रक्षा की सामूहिक शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य शैक्षणिक और व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के दौर में छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सुदृढ़ता तथा जीवन के वास्तविक महत्व के प्रति सजग व संवेदनशील बनाना रहा।
📌 जागरूकता अभियान एवं शपथ के मुख्य बिंदु:
- आयोजक: मनोविज्ञान विभाग एवं अभिव्यक्ति क्लब, नवयुग कन्या महाविद्यालय।
- सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण: संकट से गुजर रहे साथियों की बात बिना किसी पूर्वाग्रह या आलोचना के सुनने का संकल्प।
- कलंक (Stigma) निवारण: मानसिक अवसाद और तनाव पर खुलकर संवाद करने तथा पेशेवर परामर्श लेने की समझ विकसित करना।
- हेल्पलाइन व सपोर्ट: आवश्यकता पड़ने पर समय पर पेशेवर मनोवैज्ञानिक और आपातकालीन सहायता तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करना।
- प्राचार्या का संदेश: शिक्षण संस्थानों में ऐसा सहयोगी माहौल अनिवार्य है जहां विद्यार्थी अपनी चिंताओं को साझा करने में सुरक्षित महसूस करें।
📊 छात्राओं द्वारा लिए गए सामूहिक संकल्प
| संकल्प का क्षेत्र | व्यावहारिक प्रतिबद्धता |
|---|---|
| सहानुभूतिपूर्ण श्रवण | अकेलेपन या अवसाद से जूझ रहे सहपाठी को धैर्यपूर्वक सुनना और सुरक्षित महसूस कराना |
| सामाजिक भ्रांतियों का अंत | मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्याप्त सामाजिक संकोच को तोड़ना और स्वस्थ विमर्श को बढ़ावा देना |
| समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप | गंभीर संकट के संकेतों को पहचानकर पेशेवर काउंसलर और हेल्पलाइन से जोड़ना |
"तनाव को साझा करना कमजोरी नहीं, समाधान की पहली सीढ़ी": प्रो. मंजुला उपाध्याय
समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने वर्तमान जीवनशैली में युवाओं के मानसिक दबाव पर गहरी चिंता व्यक्त की।
"आधुनिक दौर में शैक्षणिक दबाव, करियर की अनिश्चितता और सामाजिक अपेक्षाएं विद्यार्थियों में तनाव पैदा करती हैं। शिक्षण संस्थानों का यह नैतिक दायित्व है कि वे ऐसा भयमुक्त और संवेदनशील वातावरण तैयार करें जहां कोई भी छात्रा अपनी दुविधाएं व्यक्त करने में संकोच न करे। समय पर मिला भावनात्मक संबल और अपनों का साथ जीवन की सबसे बड़ी ढाल साबित होता है।"
— प्रो. मंजुला उपाध्याय (प्राचार्या, नवयुग कन्या महाविद्यालय)
मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापकों की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन और मार्गदर्शन में मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सोनल अग्रवाल, डॉ. गगनप्रीत कौर, डॉ. सुकन्या तिवारी एवं मिस मानशी श्रीवास्तव ने मुख्य भूमिका निभाई।
इस अवसर पर प्रो. सीमा सरकार, प्रो. निशी गुप्ता, डॉ. ऐश्वर्या सिंह सहित महाविद्यालय की अन्य शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति खुद को सजग रखने और समाज में सकारात्मकता का संचार करने का बीड़ा उठाया।


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