3,500 शो और 25 लाख दर्शक: भारतीय कला से ग्लोबल मंचों तक NMACC के 3 साल पूरे; नीता अंबानी के विजन ने मुंबई को बनाया सांस्कृतिक राजधानी
मुंबई: भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और विश्वस्तरीय प्रदर्शन कलाओं को एक मंच पर लाने के संकल्प के साथ मार्च 2023 में शुरू हुए नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) ने सफलता के तीन गौरवमयी वर्ष पूरे कर लिए हैं। पिछले तीन वर्षों में एनएमएसीसी कला का ऐसा अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरा है जहां 3,500 से अधिक शो आयोजित किए जा चुके हैं। इस दौरान 15 से अधिक भाषाओं में अपनी कला प्रस्तुत करने वाले 10,500 से ज्यादा कलाकारों को मंच मिला और 25 लाख से अधिक दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
📌 NMACC की 3 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां:
- भव्य फुटफॉल: 3 वर्ष की अल्पावधि में 25 लाख से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दर्शक पहुंचे।
- कलाकारों की सहभागिता: 15+ क्षेत्रीय व विदेशी भाषाओं में 10,500 से अधिक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
- प्रतिष्ठित वैश्विक शो: द साउंड ऑफ म्यूजिक, वेस्ट साइड स्टोरी, MAMMA MIA!, द फैंटम ऑफ द ओपेरा और Wicked जैसे ब्रॉडवे-वेस्ट एंड स्तर के शो भारत पहुंचे।
- विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर: 2000-सीटर द ग्रैंड थिएटर, स्टूडियो थिएटर, द क्यूब और चार मंजिला विजुअल आर्ट हाउस।
- भविष्य की योजनाएं: आगामी वर्ष में विश्वप्रसिद्ध म्यूजिकल 'Chicago' और ऑस्कर-नामांकित मैक्स रिक्टर की भारत में पहली प्रस्तुति।
🏛️ NMACC का विश्वस्तरीय सांस्कृतिक इंफ्रास्ट्रक्चर
| मंच / स्पेस का नाम | क्षमता / आकार | उपयोग एवं खासियत |
|---|---|---|
| द ग्रैंड थिएटर (The Grand Theatre) | 2,000 सीटें | बड़े अंतरराष्ट्रीय म्यूजिकल, भारतीय महाकाव्य और व्यापक नाट्य प्रस्तुतियां |
| द स्टूडियो थिएटर (The Studio Theatre) | 198 सीटें | शास्त्रीय संगीत, बहुभाषी नाटक, डांस एवं प्रायोगिक प्रस्तुतियां |
| द क्यूब (The Cube) | 80 सीटें | अंतरंग रंगमंच, स्टैंडअप कॉमेडी, इमर्सिव आर्ट और वर्कशॉप्स |
| आर्ट हाउस (The Art House) | 4 मंजिला गैलरी | वैश्विक और भारतीय विजुअल आर्टिस्ट्स की प्रदर्शनियां |
"भारत का सर्वश्रेष्ठ दुनिया को दिखाना और दुनिया का सर्वश्रेष्ठ भारत लाना"
एनएमएसीसी की संस्थापक नीता अंबानी के मूल विजन को साकार करते हुए इस केंद्र ने भारतीय लोक परंपराओं से लेकर वैश्विक ब्रॉडवे शो को एक ही मंच पर संयोजित किया है।
"हमारा उद्देश्य हमेशा से एक ऐसा समावेशी और आधुनिक स्थान तैयार करना रहा है, जहां हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को न केवल संजोया जाए बल्कि आधुनिक तकनीकी भव्यता के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। एनएमएसीसी भारत की कलात्मक क्षमता और वैश्विक सांस्कृतिक संवाद का सशक्त प्रतीक बन चुका है।"
— नीता अंबानी (संस्थापक, NMACC)
भारतीय महाकाव्यों से लेकर ब्रॉडवे म्यूजिकल तक
एनएमएसीसी के मंच पर भारतीय कहानियों को तकनीक के भव्य तालमेल के साथ दिखाया गया। इसमें मुगल-ए-आजम: द म्यूजिकल, राजाधिराज: लव. लाइफ. लीला और स्वयं सेंटर की ऐतिहासिक प्रस्तुति 'द ग्रेट इंडियन म्यूजिकल: सिविलाइजेशन टू नेशन' ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। वहीं स्टूडियो थिएटर और द क्यूब में हिंदी, मराठी, गुजराती और बंगाली सहित देश की अनेक भाषाओं के प्रयोगधर्मी नाटकों को दर्शकों ने खूब सराहा।
सार्वजनिक कला (Public Art) के क्षेत्र में 56 फुट का 'कमल कुंज', घुंघरुओं से गढ़ी गई मुंबई की स्काईलाइन और विख्यात जापानी कलाकार यायोई कुसामा की 'Clouds' जैसी कृतियां पर्यटकों और कला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके साथ ही रिलायंस फाउंडेशन की पहल 'स्वदेश' (Swadesh) पारंपरिक भारतीय कारीगरों, बुनकरों और शिल्पों को वैश्विक पहचान दिला रही है।
वेनिस बिएनाले में भागीदारी और चौथे साल का भव्य रोडमैप
एनएमएसीसी का प्रभाव अब मुंबई तक सीमित नहीं है। 61वें वेनिस बिएनाले (Venice Biennale) में इंडिया पवेलियन की प्रस्तुति में इसकी भागीदारी ने भारतीय कला को शीर्ष वैश्विक मंच पर स्थापित किया।
अपने चौथे वर्ष में प्रवेश करते हुए केंद्र ने दर्शकों के लिए कई बड़े आकर्षण तय किए हैं:
- लोकप्रिय शो 'द ग्रेट इंडियन म्यूजिकल' की बहुप्रतीक्षित वापसी।
- विश्वप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडवे शो 'Chicago' की भारत में प्रस्तुति।
- ऑस्कर-नामांकित प्रख्यात संगीतकार और पियानोवादक मैक्स रिक्टर (Max Richter) का भारत में पहला लाइव कॉन्सर्ट।


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