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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिला पहला CEO: 38 साल तक वायुसेना में रहे एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे कमान

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा: ऑपरेशन सिंदूर और करगिल युद्ध में संभाली थी कमान; ट्रस्ट ने दी बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी

📍 स्थान: अयोध्या धाम, उत्तर प्रदेश | 📅 दिनांक: 02 सितंबर 2026 | 🚩 श्रेणी: अयोध्या धाम, प्रशासनिक नियुक्ति एवं रक्षा-विरासत

अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन को अत्यधिक सुदृढ़, पारदर्शी व आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में भारतीय वायुसेना (IAF) के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। वायुसेना के वरिष्ठ फाइटर पायलट रहे एयर मार्शल मिश्रा ने अपने 38 वर्षों के सैन्य करियर में करगिल युद्ध से लेकर संवेदनशील अभियानों तक अद्वितीय सेवाएं दी हैं।

📌 एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के मुख्य बिंदु:

  • पद: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रथम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)।
  • सैन्य अनुभव: भारतीय वायुसेना में 38 वर्षों की अनुकरणीय सेवा और 3,000 से अधिक घंटों का उड़ान अनुभव।
  • प्रमुख कमान: वेस्टर्न एयर कमांड (WAC) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस)।
  • प्रमुख सैन्य अभियान: 1999 के करगिल युद्ध (ऑपरेशन सफेद सागर) में मिराज-2000 से स्ट्राइक और मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' का रणनीतिक नेतृत्व।
  • सैन्य अलंकरण: अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित।

🎖️ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा: एक नजर में सैन्य पृष्ठभूमि

मानक / विवरण सैन्य रिकॉर्ड एवं उपलब्धियां
कमीशन तिथि 06 दिसंबर 1986 (फाइटर स्ट्रीम)
शैक्षणिक / सैन्य संस्थान राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA, पुणे) एवं एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल
उड़ान का अनुभव 3,000+ घंटे (विशेष रूप से मिराज-2000 व अन्य लड़ाकू विमान)
प्रमुख अभियान ऑपरेशन सफेद सागर (करगिल 1999) एवं ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025)
प्राप्त सम्मान अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM), विशिष्ट सेवा पदक (VSM)

करगिल से 'ऑपरेशन सिंदूर' और S-400 एयर डिफेंस तक का अनुभव

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने युद्धक्षेत्र और सामरिक योजना दोनों में नेतृत्व किया है। वर्ष 1999 के करगिल युद्ध के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर में मिराज-2000 फाइटर जेट से दुर्गम बर्फीली चोटियों पर सटीक बमबारी कर दुश्मनों के बंकर तबाह किए थे।

मई 2025 में संचालित रणनीतिक 'ऑपरेशन सिंदूर' के समय वे देश की सबसे संवेदनशील वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्होंने भारत के S-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम की अचूक तैनाती और पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क की साजिशों को नाकाम करने में अहम रणनीतिक भूमिका निभाई थी।

राम मंदिर ट्रस्ट में CEO पद की आवश्यकता क्यों पड़ी?

"भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का अयोध्या आगमन हो रहा है। इसके साथ ही मंदिर परिसर के विस्तार, सुरक्षा प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, वित्तीय लेखा-जोखा और आगामी विकास योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए कॉरपोरेट व सैन्य अनुशासन जैसी कुशल प्रशासनिक कार्यप्रणाली की आवश्यकता थी। एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का व्यापक प्रबंधकीय अनुभव ट्रस्ट को नई गति देगा।"
— श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सूत्र
नया प्रशासनिक अध्याय: देश की सुरक्षा में जीवन समर्पित करने वाले एक शीर्ष वायुसेना कमांडर का राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में चयन, ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में उच्चस्तरीय अनुशासन, तकनीकी दक्षता और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करेगा।

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