सिंगापुर की विशेषज्ञ टीम ने किया लखनऊ नगर निगम की कचरा प्रबंधन व्यवस्था का अध्ययन: MRF सेंटर व शिवरी प्लांट का निरीक्षण; प्लास्टिक कचरे से संसाधन बनाने पर जोर
लखनऊ: प्लास्टिक प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर कार्यरत सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्था 'Alliance to End Plastic Waste' के विशेषज्ञों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को लखनऊ नगर निगम द्वारा संचालित ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था का स्थलीय अध्ययन किया। प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) और पुराने लीगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की आधुनिक तकनीकों को गहराई से समझा।
📌 सिंगापुर प्रतिनिधिमंडल के दौरे के मुख्य बिंदु:
- अंतरराष्ट्रीय संस्था: सिंगापुर की Alliance to End Plastic Waste के 4 सदस्यीय विशेषज्ञ दल द्वारा दौरा।
- प्रतिनिधिमंडल सदस्य: टेड टॉथ, डॉ. सी. एस. कार्तिकेयन, सौरभ बोथरा और पीयूष शर्मा।
- समीक्षा बैठक: स्मार्ट सिटी सभागार में अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव के साथ ठोस कचरा प्रबंधन पर विस्तृत प्रेजेंटेशन।
- स्थलीय निरीक्षण: सूखा कचरा अलग करने वाले एमआरएफ (MRF) सेंटर और शिवरी स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का दौरा।
- फोकस एरिया: कचरे से आरडीएफ (RDF) ईंधन निर्माण, लैंडफिल पर निर्भरता में कमी, कम्पोस्टिंग और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग।
📊 अध्ययन के मुख्य घटक एवं तकनीकी फोकस
| सुविधा / इकाई | अध्ययन एवं तकनीकी विमर्श के मुख्य बिंदु |
|---|---|
| स्मार्ट सिटी सभागार बैठक | सोर्स सेग्रीगेशन (गीला व सूखा कचरा), डिजिटल मॉनिटरिंग एवं वित्तीय आत्मनिर्भरता |
| MRF सेंटर (मैटेरियल रिकवरी) | सूखे कचरे की छंटाई, प्लास्टिक रिकवरी और रीसाइक्लिंग उद्योगों को बैकवर्ड लिंकेज |
| शिवरी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट | RDF (Refuse Derived Fuel) का व्यावसायिक उपयोग और आर्गेनिक खाद का विपणन |
| लीगेसी वेस्ट साइट्स | बायो-माइनिंग के जरिए पुराने कचरे के पहाड़ों का खात्मा और लैंड रिक्लेमेशन |
एमआरएफ सेंटर से रीसाइक्लिंग चेन का निरीक्षण
स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव ने सिंगापुर के प्रतिनिधियों को बताया कि शहर में किस प्रकार वैज्ञानिक पद्धति से शत-प्रतिशत कचरे का निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके उपरांत टीम ने एमआरएफ सेंटर पहुंचकर सूखे कचरे की छंटाई का प्रत्यक्ष मुआयना किया।
विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष अध्ययन किया कि किस प्रकार सिंगल-यूज प्लास्टिक और अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल वस्तुओं को अलग कर रीसाइक्लिंग यूनिट्स तक भेजा जाता है, जिससे लैंडफिल में जाने वाले प्लास्टिक कचरे की मात्रा नगण्य हो सके।
शिवरी प्लांट: कचरे से RDF ईंधन और खाद से राजस्व सृजन
"कचरा प्रबंधन अब केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सर्कुलर इकोनॉमी का आधार है। शिवरी प्लांट में कचरे से बनने वाले रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) का सीमेंट और ऊर्जा संयंत्रों में बड़े स्तर पर उपयोग और जैविक खाद के विपणन से नगर निगम के लिए आय के स्थायी स्रोत विकसित हो रहे हैं।"
— डॉ. अरविंद कुमार राव (अपर नगर आयुक्त, लखनऊ)
प्रतिनिधिमंडल ने पुराने जमा कचरे (Legacy Waste) के बायो-माइनिंग निस्तारण के बाद खाली हुई भूमि के पुनर्चक्रण और पर्यावरण सुधार कार्यों की भी सराहना की।
ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेज के आदान-प्रदान पर सहमति
सिंगापुर की विशेषज्ञ टीम ने लखनऊ के स्वच्छता व वायु गुणवत्ता सुधार मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाते हुए भविष्य में सतत सहयोग की इच्छा व्यक्त की। बैठक में दोनों पक्षों के बीच प्लास्टिक अपशिष्ट को शून्य करने, तकनीकी नवाचारों को साझा करने और सस्टेनेबल अर्बन सॉल्यूशंस लागू करने पर सहमति बनी।


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