68500 शिक्षक भर्ती: सालों से न्याय की आस में अभ्यर्थी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के आवास का घेराव; मिला समस्या समाधान का आश्वासन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन और विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का संघर्ष लगातार जारी है। लंबे समय से धरना-प्रदर्शन और मंत्रियों को ज्ञापन सौंप रहे अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को ‘दस्तक दो अभियान’ के तहत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के लखनऊ स्थित आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से मुलाकात कर ज्ञापन स्वीकार किया और आश्वस्त किया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) के आदेश का अनुपालन कराने और पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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📌 प्रदर्शन और प्रमुख मांगों के मुख्य बिंदु:
- आयोग के आदेश का अनुपालन: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत परिणाम संशोधित करने की मांग।
- 40% (60 अंक) का कटऑफ नियम: आयोग के अनुसार ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 150 में से 60 अंक के आधार पर चयन सूची जारी करने की मांग।
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आश्वासन: पंकज चौधरी ने कहा कि मामला संज्ञान में है, किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
- दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई: अभ्यर्थियों ने आरक्षण विसंगति के लिए जिम्मेदार बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग रखी।
📊 68500 शिक्षक भर्ती विवाद: एक नजर में
| पहलू / विवरण | तथ्य व वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| भर्ती का नाम | 68500 सहायक अध्यापक भर्ती (उत्तर प्रदेश) |
| अभियान / आंदोलन | ‘दस्तक दो अभियान’ |
| अभ्यर्थियों की मुख्य मांग | राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुरूप परिणाम संशोधन व नियुक्ति |
| आश्वासन देने वाले जननेता | पंकज चौधरी (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) |
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश पर अमल न होने का आरोप
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान आरक्षण नियमों का पालन न होने के कारण अभ्यर्थियों को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का सहारा लेना पड़ा था। आयोग ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत के आधार पर परीक्षा परिणाम संशोधित कर सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं।
“संवैधानिक संस्था द्वारा दिए गए आदेश के बावजूद विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। यदि आयोग के आदेश का समयबद्ध अनुपालन कर दिया गया होता, तो सैकड़ों योग्य युवाओं को वर्षों तक सड़कों पर संघर्ष करने और लाठियां खाने के लिए विवश नहीं होना पड़ता।”
— तूफान सिंह (अभ्यर्थी प्रतिनिधि)
आवास के बाहर नारेबाजी, 40 मिनट बाद मिले प्रदेश अध्यक्ष
शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के आवास के बाहर एकत्रित हुए और जोरदार नारेबाजी की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। लगभग 40 मिनट चले गतिरोध के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल को भीतर बुलाकर ज्ञापन लिया।
मुलाकात के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों को जलपान कराया और भरोसा दिलाया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों के परीक्षण और क्रियान्वयन के लिए सरकार और संबंधित विभाग से वार्ता कर शीघ्र न्यायसंगत हल निकाला जाएगा।
"आश्वासन नहीं, शासनादेश चाहिए": अभ्यर्थियों का रुख
अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने कहा कि मंत्रियों और जन प्रतिनिधियों से अब तक कई बार मौखिक आश्वासन मिल चुके हैं, लेकिन जब तक आयोग के आदेश पर अमल का आधिकारिक शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक उनका लोकतांत्रिक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख अभ्यर्थी: नवीन चौधरी, अखिल कुमार, नसीम, रंजना जायसवाल, शिववीर, उमेश गुप्ता, विनोद प्रजापति, प्रतिमा कुशवाहा, राकेश शाहनी, सुमन, किरन मौर्या, रीना कुशवाहा, राजेंद्र वर्मा, रामप्रवेश, मनीष पटवा, शिशुपाल सिंह, सुनील, आकृति, अवधेश शाक्य, ऋषिता पाल और सच्चिदानंद सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थी मौजूद रहे।


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