दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तराखंड में देर रात भूकंप के तेज झटके: रिक्टर स्केल पर 4.4 रही तीव्रता; चमोली रहा केंद्र, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग
नई दिल्ली/देहरादून: उत्तर भारत के विस्तृत भू-भाग में मंगलवार की देर रात अचानक धरती हिलने से हड़कंप मच गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर), उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में रात ठीक 10 बजकर 24 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अचानक आए कंपन के चलते बहुमंजिला सोसायटियों और घरों में पंखे व झूमर हिलने लगे, जिसके बाद घबराए लोग अपने परिवारों के साथ खुले मैदानों व सड़कों पर निकल आए।
📌 भूकंप के ताजा अपडेट्स:
- समय: मंगलवार, 06 अक्टूबर 2026, रात्रि लगभग 10:24 बजे।
- तीव्रता: रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.4 दर्ज की गई (अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार 4.4 से 5.1 के मध्य)।
- केंद्र व गहराई: प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली-बागेश्वर क्षेत्र में जमीन से लगभग 13 किमी नीचे था।
- प्रभावित क्षेत्र: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, देहरादून, ऋषिकेश, चंपावत और हल्द्वानी।
- नुकसान की स्थिति: अब तक जान-माल के किसी बड़े नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है; स्थानीय प्रशासन सतर्क।
📊 सिस्मोलॉजिकल विवरण: एक नजर में
| पैमाना / घटक | दर्ज विवरण |
|---|---|
| घटना का समय | रात 10:24 बजे (IST) |
| रिक्टर स्केल पर तीव्रता | 4.4 Magnitude |
| भूकंप का केंद्र (Epicenter) | चमोली - बागेश्वर सीमा क्षेत्र (उत्तराखंड) |
| हाइपोसेंटर की गहराई | जमीन से लगभग 10 से 13 किलोमीटर नीचे |
| प्रमुख कंपन क्षेत्र | दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड (गढ़वाल व कुमाऊं) तथा पश्चिमी यूपी |
ऊंची इमारतों में डोले पंखे, पार्कों और सड़कों पर उमड़े लोग
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रात के समय अधिकांश लोग सोने की तैयारी में थे या खाना खा रहे थे, तभी अचानक बेड, खिड़कियां और दरवाजों में थरथराहट महसूस हुई। नोएडा और गाजियाबाद की हाई-राइज सोसायटियों में अलार्म बजने लगे और लोग सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित मैदानों की ओर भागे।
"रात करीब 10:24 बजे अचानक सोफा और छत का पंखा हिलने लगा। झटका कुछ सेकंड का ही था लेकिन कंपन इतना स्पष्ट था कि बिल्डिंग के सभी फ्लैट्स से लोग नीचे सुरक्षित मैदान में जमा हो गए।"
— प्रत्यक्षदर्शी, नोएडा एक्सटेंशन
उत्तराखंड से लेकर पश्चिमी यूपी तक हिला भूभाग
भूकंप का केंद्र हिमालयी पट्टी के निकट स्थित होने के कारण उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों में तीव्र कंपन हुआ। बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, जोशीमठ, चंपावत, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और ऋषिकेश में लोगों ने जोरदार झटके महसूस किए।
वहीं सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बरेली और रामपुर जिलों में भी झटके स्पष्ट तौर पर महसूस किए गए। स्थानीय प्रशासन ने सभी तहसीलों और पुलिस चौकियों को अलर्ट कर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
भूकंप के समय क्या करें और क्या न करें? (आपदा प्रबंधन सलाह)
- झुकें, ढकें और पकड़ें (Drop, Cover & Hold): झटका महसूस होते ही किसी मजबूत मेज या पलंग के नीचे छिप जाएं।
- लिफ्ट का प्रयोग कतई न करें: बहुमंजिला इमारतों से बाहर निकलते समय हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
- खिड़कियों और शीशों से दूर रहें: कांच के टूटने या भारी अलमारी के गिरने से चोट लगने का खतरा रहता है।
- खुले स्थान पर जाएं: यदि घर से बाहर हैं, तो बिजली के खंभों, तारों और बड़ी इमारतों से दूर खुले मैदान में खड़े हों।
- अफवाहों पर ध्यान न दें: केवल आपदा प्रबंधन और आधिकारिक सिस्मोलॉजिकल एजेंसियों की सूचनाओं पर भरोसा करें।


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