गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति का नाम बदलकर ‘लखनऊ महासमिति’ करने का प्रस्ताव पारित: सफाई, जलभराव व सीवर पर मंथन; संगठन विस्तार पर बनी सहमति
लखनऊ: गोमतीनगर क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों को उठाने वाली प्रमुख संस्था गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति का कार्यक्षेत्र अब पूरे राजधानी क्षेत्र में विस्तार लेने जा रहा है। विपुल खंड (3/205) स्थित वरिष्ठ सदस्य पंडित यज्ञदेव शर्मा के आवास पर संपन्न हुई प्रबंध समिति की बैठक में संगठन का नाम बदलकर ‘लखनऊ महासमिति (पूर्ववर्ती गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति)’ करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में गोमतीनगर की लचर सफाई व्यवस्था, जलभराव, विनीत खंड में सीवर लाइन बदलने, संगठनात्मक पदों के विस्तार और नागरिकों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त वृहद स्विमिंग पूल निर्माण सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
📌 बैठक के प्रमुख निर्णय व पारित प्रस्ताव:
- नया नामकरण: संस्था का नाम ‘लखनऊ महासमिति’ करने का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित; विधिक अड़चन आने पर वैकल्पिक नाम पर विचार संभव।
- सफाई व विकास पर असंतोष: सफाई कार्य में लगी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल; विकास कार्यों की पूर्व सूचना महासमिति को न दिए जाने पर आपत्ति।
- सीवर व जलभराव समाधान: विनीत खंड-6 की अनुपयोगी सीवर लाइन बदलने और जलनिकासी के लिए नालियों को मुख्य नाले से जोड़ने की मांग।
- संगठन का विस्तार: उपाध्यक्षों की संख्या बढ़ाकर 4, सचिव 6, संगठन सचिव 4 और मीडिया प्रभारी 4 किए जाएंगे; महिला सांस्कृतिक सचिव की होगी नियुक्ति।
- वृहद स्विमिंग पूल का प्रस्ताव: 2 वर्ष के बच्चों से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्गों तक के लिए आधुनिक स्विमिंग पूल निर्माण हेतु रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भेजा जाएगा प्रस्ताव।
📊 महासमिति बैठक व प्रमुख संगठनात्मक बदलाव: एक नजर में
| विषय / पद | पारित निर्णय एवं नवीन व्यवस्था |
|---|---|
| संगठन का नवीन स्वरूप | लखनऊ महासमिति (पूर्ववर्ती गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति) |
| उपाध्यक्ष एवं सचिव पद | उपाध्यक्ष 2 से बढ़ाकर 4; सचिव 4 से बढ़ाकर 6 किए गए |
| विशेष पद सृजन | युवा सचिव, महिला सांस्कृतिक सचिव, 4 मीडिया प्रभारी व सहायक कोषाध्यक्ष |
| विपुल खंड प्रभार | विवेक जी को विपुल खंड-1 से 6 तक की समितियों का खंड प्रभारी नियुक्त किया गया |
| वित्तीय वर्ष निर्धारण | संविधान संशोधन कर वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तय किया गया |
सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग
बैठक में स्थानीय नागरिकों से जुड़ी आधारभूत समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई। सदस्यों ने गोमतीनगर में सफाई कार्य देख रही निजी एजेंसी के ढुलमुल रवैये पर कड़ा रोष जताया। यह बात प्रमुखता से उठी कि नगर निगम व विकास प्राधिकरण द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों की कोई पूर्व जानकारी महासमिति को नहीं दी जाती, जिससे जमीनी निगरानी नहीं हो पाती।
- जलभराव का स्थायी हल: बारिश के दिनों में जलभराव रोकने के लिए कॉलोनियों की आंतरिक नालियों को मुख्य ट्रंक ड्रेन से बिना रुकावट जोड़ा जाए।
- वार्ड 1 व 2 में विकास कार्य: चिनहट के वार्ड संख्या 1 और 2 में आपसी विवाद के चलते रुके विकास कार्यों को पारदर्शी तरीके से दोबारा शुरू कराने की मांग उठी।
- 110 वार्डों का डेटा: लखनऊ के सभी 110 वार्डों में जारी विकास कार्यों का ब्योरा साझा करने और वार्ड स्तर पर समन्वय समूह बनाने का फैसला हुआ।
- विनीत खंड-6 में सीवर लाइन: लंबे समय से चोक और अनुपयोगी पड़ी पुरानी सीवर लाइन को तत्काल बदलकर नई क्षमता वाली लाइन बिछाने पर सहमति बनी।
गोमतीनगर में आधुनिक स्विमिंग पूल व संगठनात्मक अनुशासन
क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए गोमतीनगर में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक भव्य स्विमिंग पूल निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। यह पूल 2 वर्ष के नौनिहालों से लेकर 70 वर्ष के बुजुर्गों तक के लिए सुरक्षित और सुलभ होगा। इसके लिए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के माध्यम से क्षेत्रीय सांसद एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा।
“महासमिति का दायरा अब केवल एक उपनगर तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह पूरे लखनऊ के जनसरोकारों का केंद्र बन रहा है। अनुशासन, पारदर्शिता और मजबूत सांगठनिक ढांचे के साथ हम हर नागरिक की आवाज प्रशासन तक पहुंचाएंगे।”
— डॉ. बी.एन. सिंह (अध्यक्ष, महासमिति)
अनुशासन समिति के पुनर्गठन और उसमें दो नए सदस्यों को शामिल करने के लिए पंडित यज्ञदेव शर्मा, डॉ. बी.एन. सिंह, राघवेंद्र शुक्ला, कर्नल ए.एन. पांडे और राकेश जेटली को अधिकृत किया गया।
दिवंगतों को श्रद्धांजलि व प्रमुख उपस्थिति
बैठक में अनुशासन समिति के सदस्य रहे पूर्व न्यायाधीश स्वर्गीय डी.पी. अरोड़ा एवं उनकी धर्मपत्नी सहित हाल ही में दिवंगत हुए उपखंड समिति सदस्यों और नागरिकों की आत्मशांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित: अध्यक्ष डॉ. बी.एन. सिंह, उपाध्यक्ष राकेश त्यागी, महासचिव डॉ. राघवेंद्र शुक्ला, कार्यकारी महासचिव कर्नल ए.एन. पांडे, सचिव सी.जी. नायर, के.के. मौर्य, संजय निगम, कोषाध्यक्ष पी.एन. पांडे, संगठन सचिव अरुण कुमार व अभिनव शुक्ला, सांस्कृतिक सचिव आर.डी. मौर्य, प्रचार सचिव अजय तिवारी तथा मीडिया प्रभारी राजेश श्रीवास्तव।


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