'बाढ़ पीड़ितों का दर्द सुन खड़े हो जाते हैं रोंगटे': पूर्व आयोग सदस्य अनिल यादव ने फैजुल्लागंज और दाउदनगर का किया दौरा; जिला प्रशासन से त्वरित राहत की मांग
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के तराई व जलभराव से प्रभावित ग्रामीण इलाकों में बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को जानने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य अनिल यादव ने शनिवार को फैजुल्लागंज, दाउदनगर, अलीनगर सहित आसपास के गांवों का सघन दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनके नुकसान और मुश्किलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जलप्रलय के बीच रह रहे परिवारों की दयनीय स्थिति देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से प्रत्येक पीड़ित परिवार को अविलंब खाद्य सामग्री, दवाएं और राहत सहायता पहुंचाने की पुरजोर अपील की।
📌 दौरे के मुख्य बिंदु एवं मांगें:
- प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण: फैजुल्लागंज, दाउदनगर और अलीनगर में जलभराव के बीच पहुंचे जनप्रतिनिधि।
- प्रशासनिक समन्वय का भरोसा: पीड़ितों की पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित आश्रय से जुड़ी समस्याओं को जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाने का आश्वासन।
- जनप्रतिनिधियों का दायित्व: संकट की घड़ी में जनता के बीच उपस्थित रहकर उनकी आवाज बनना सामाजिक जिम्मेदारी।
- त्वरित राहत की दरकार: जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दवा छिड़काव और मेडिकल टीमों की तुरंत तैनाती की मांग।
📊 बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी विवरण
| घटक / पहलू | जमीनी स्थिति व विवरण |
|---|---|
| दौरा किए गए प्रमुख क्षेत्र | फैजुल्लागंज, दाउदनगर, अलीनगर एवं निकटवर्ती बस्तियां |
| दौरे का नेतृत्व | अनिल यादव (पूर्व सदस्य, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश) |
| नागरिकों की प्रमुख समस्याएं | घरों में पानी का जमाव, शुद्ध पेयजल का अभाव, संक्रामक बीमारियों का जोखिम |
| प्रशासन से उठाई गई मांग | समयबद्ध राहत पैकेट वितरण, मोबाइल मेडिकल वैन एवं जल निकासी |
संकट की घड़ी में अपनों के बीच: पीड़ितों की सुनी व्यथा
स्थानीय नागरिकों से बातचीत के दौरान परिवारों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों के सामने राशन और बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
“प्राकृतिक आपदा के समय प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। जनसेवा कोई औपचारिकता नहीं बल्कि विपत्ति में जनता के आंसुओं को पोंछने का संकल्प है। हम जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएंगे कि किसी भी पीड़ित परिवार को राहत से वंचित न रहना पड़े।”
— अनिल यादव (पूर्व सदस्य, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग)
प्रशासन से समन्वय: तत्काल राहत कार्य तेज करने की मांग
दौरे के उपरांत उन्होंने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र की जमीनी रिपोर्ट जिला प्रशासन के सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि:
- जलभराव वाले इलाकों में क्लोरीन की गोलियां और शुद्ध पेयजल के टैंकर तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
- मच्छर जनित और संक्रामक रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें नियमित शिविर लगाएं।
- बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए मकानों और घरेलू सामानों का त्वरित सर्वेक्षण कराकर शासकीय आपदा राहत नियमों के तहत मुआवजा दिया जाए।
दौरे में प्रमुख उपस्थिति: इस दौरान प्रमुख रूप से संतोष राज, सुनील सिंह, शिव अवधेश यादव, ग्राम प्रधान कमलेश कुमार यादव, संतोष कुमार यादव, सहीम खान, सुनील मौर्य, आरती मौर्य, अनुराग आजाद सहित दर्जनों स्थानीय नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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