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MGAHV वर्धा के डॉ. बालाजी चिरडे बने 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता के समूह समन्वयक; संसदीय कार्य मंत्रालय ने जारी किया आदेश

हिंदी विश्वविद्यालय के डॉ. बालाजी चिरडे 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता के लिए समूह समन्वयक नियुक्त: संसदीय कार्य मंत्रालय ने जारी किया आदेश

📍 स्थान: वर्धा (महाराष्ट्र) | 📅 दिनांक: 19 अक्टूबर 2026 | 🏛️ श्रेणी: विश्वविद्यालय समाचार, राष्ट्रीय युवा संसद, संसदीय कार्य मंत्रालय, उच्च शिक्षा

वर्धा: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (MGAHV), वर्धा के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बालाजी चिरडे को भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता के लिए समूह समन्वयक (Group Coordinator) के रूप में नियुक्त किया गया है। मंत्रालय की ओर से 19 अक्टूबर को जारी आधिकारिक आदेश के तहत यह दायित्व सौंपा गया। डॉ. चिरडे को समूह 9 (Group 9) की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके अंतर्गत वे देश के छह प्रमुख राज्यों के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित होने वाली युवा संसद प्रतियोगिताओं का कुशल समन्वय करेंगे।

📌 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद समन्वय: मुख्य बिंदु

  • संसदीय कार्य मंत्रालय की पहल: देश भर के छात्र वर्ग में संसदीय कार्यप्रणाली, विधिक प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का राष्ट्रीय अभियान।
  • समूह 9 का प्रभार: बिहार (पटना), छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के उच्च शिक्षण संस्थानों का समन्वय।
  • दो चरणों में आयोजन: पहले चरण में समूह स्तर की प्रतियोगिताएं आगामी 15 दिसंबर तक संपन्न होंगी; दूसरे चरण में विजेता समूहों के मध्य राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा होगी।
  • विश्वविद्यालय के लिए गौरव: कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने डॉ. चिरडे को राष्ट्रीय मंच पर संस्थान का मान बढ़ाने हेतु बधाई दी।
  • लक्ष्य: भारतीय संसद के माध्यम से देश को सक्षम, तार्किक, निर्णायक और उत्तरदायी युवा नेतृत्व प्रदान करना।

📊 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता: रूपरेखा एवं दायित्व

आयाम / विवरण आधिकारिक स्थिति एवं कार्यक्षेत्र
नियुक्त समन्वयक डॉ. बालाजी चिरडे (एसोसिएट प्रोफेसर, MGAHV वर्धा)
संबद्ध केंद्रीय मंत्रालय संसदीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
आवंटित समूह समूह 9 (Group 9)
शामिल राज्य / क्षेत्र बिहार (पटना), छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा
प्रथम चरण की समयसीमा 15 दिसंबर तक समूह स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन
द्वितीय चरण विजेता टीमों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम प्रतियोगिता

दो चरणों में संपन्न होगी प्रतियोगिता: 6 राज्यों के संस्थानों का होगा समन्वय

18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता दो स्तरीय संरचना पर आधारित है। पहले चरण में संबंधित समूहों के अंतर्गत आने वाले विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में आंतरिक स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। समूह स्तरीय प्रतियोगिताओं को पूर्ण करने के लिए 15 दिसंबर तक की समयसीमा तय की गई है।

इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्येक समूह से विजयी होकर निकली शीर्ष टीमें राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अंतिम प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। डॉ. बालाजी चिरडे समूह 9 में शामिल बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के उच्च शिक्षण संस्थानों के मध्य समन्वय, तिथियों के निर्धारण, मूल्यांकन समितियों और मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करेंगे।

संसदीय कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक चेतना का प्रशिक्षण

संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित युवा संसद का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय संसद की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रियाओं, प्रश्नकाल, शून्यकाल और विधेयकों पर होने वाली सारगर्भित बहसों से व्यावहारिक रूप से जोड़ना है।

“युवा संसद का उद्देश्य केवल भाषण कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के युवाओं को राष्ट्रीय नीति, कानून निर्माण और जनहित के मुद्दों पर तार्किक, सहिष्णु और उत्तरदायी दृष्टिकोण अपनाने का संस्कार देना है। यह मंच भविष्य के सक्षम नेतृत्व की मजबूत आधारशिला रखता है।”

'विश्वविद्यालय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गौरव का विषय': कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा

डॉ. चिरडे की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने उन्हें औपचारिक बधाई दी। कुलपति ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा डॉ. चिरडे को समूह समन्वयक नियुक्त किया जाना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के शोधार्थियों और विद्यार्थियों को भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़ने तथा अकादमिक व पाठ्येतर गतिविधियों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की नई प्रेरणा मिलेगी। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने भी डॉ. चिरडे को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।

निष्कर्ष: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य डॉ. बालाजी चिरडे की यह नियुक्ति न केवल संस्थान की राष्ट्रीय अकादमिक साख को मजबूत करती है, बल्कि 6 राज्यों के हजारों विद्यार्थियों को संसदीय लोकतंत्र की बारीकियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करेगी।

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