हिंदी विश्वविद्यालय में 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता का सफल आयोजन: 'लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने में युवाओं की बड़ी भूमिका'— कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा; दिव्या महारनवार बनीं विजेता
वर्धा: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (MGAHV), वर्धा में भारत सरकार के केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में 18वीं समूह स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन कस्तूरबा सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि युवा ही राष्ट्र के समग्र विकास की मजबूत रीढ़ हैं और भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को सुदृढ़ बनाने में युवा पीढ़ी की निर्णायक भूमिका है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न शिक्षण विभागों के 55 विद्यार्थियों ने संसदीय भूमिकाओं का सजीव मंचन करते हुए अपनी वाक्पटुता, तार्किक क्षमता और नेतृत्व कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
📌 18वीं युवा संसद प्रतियोगिता: मुख्य बिंदु
- 55 मिनट का संसदीय सत्र: 55 विद्यार्थियों ने प्रश्नकाल, शून्यकाल, शपथ ग्रहण, शोक प्रस्ताव और विधायी बहसों की कार्यप्रणाली को जीवंत किया।
- अनिवार्य मतदान विधेयक पर मंथन: सदन के पटल पर 'अनिवार्य मतदान विधेयक' प्रस्तुत किया गया, जिस पर पक्ष-विपक्ष ने सारगर्भित चर्चा की।
- नारी शक्ति की सशक्त भागीदारी: कुल 55 प्रतिभागियों में से 21 छात्राओं ने प्रतिभाग कर 'नारी शक्ति वंदन' का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।
- शीर्ष विजेता: लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका निभाने वाली दिव्या महारनवार प्रथम, प्रियांशु कुमार द्वितीय और प्रधानमंत्री बनीं शिया तृतीय स्थान पर रहीं।
- विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति: शिवाजी विद्यापीठ के प्रो. प्रल्हाद माने एवं राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विद्यापीठ के प्रो. रविशंकर मोर ने किया मूल्यांकन।
📊 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2026: श्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता व विजेता सूची
| स्थान / रैंक | विजेता विद्यार्थी | निभाई गई संसदीय भूमिका / विभाग |
|---|---|---|
| प्रथम स्थान (First) | दिव्या महारनवार | लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) |
| द्वितीय स्थान (Second) | प्रियांशु कुमार | संसद सदस्य / प्रतिनिधि |
| तृतीय स्थान (Third) | शिया | प्रधानमंत्री (जनसंचार विभाग) |
| चतुर्थ स्थान (संयुक्त) | अंकिता थुल, अमन मौर्य एवं मोनिका | संसद सदस्य / विशिष्ट भूमिकाएं |
| प्रदान किया गया सम्मान | स्मृति चिह्न, स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र | |
'विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की तार्किक सोच जरूरी': कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने छात्र-छात्राओं की वाक्पटुता और आत्मविश्वास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा संसद केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को संसदीय गरिमा, जनहित के मुद्दों और विधायी उत्तरदायित्वों से जोड़ने की व्यावहारिक कार्यशाला है।
“समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करने में हमारे विद्यार्थियों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। सदन में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर रखी गई आपकी बेबाक राय और गहन तार्किक क्षमता से मैं अभिभूत हूं। विशेषकर 55 में से 21 छात्राओं की सशक्त भागीदारी यह सिद्ध करती है कि देश में 'नारी शक्ति वंदन' का विचार व्यावहारिक धरातल पर फल-फूल रहा है।”
— प्रो. कुमुद शर्मा (कुलपति, MGAHV वर्धा)
55 मिनट के सत्र में गूंजे शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दे
युवा संसद के दौरान कस्तूरबा सभागार में संसद के वास्तविक सदन जैसा वातावरण निर्मित हुआ। 55 मिनट तक चले इस विशेष सत्र में छात्र सांसदों ने भारत सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा नीति, स्वास्थ्य अधोसंरचना, खेल प्रोत्साहन, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं को पूरे अधिकार व तथ्यों के साथ उठाया।
- विधायी कामकाज: सत्र के दौरान सदन में 'अनिवार्य मतदान विधेयक' प्रस्तुत किया गया, जिस पर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने जोरदार तर्क-वितर्क किया।
- संसदीय मर्यादा: शपथ ग्रहण समारोह, नए मंत्रियों का परिचय, शून्यकाल में लोकमहत्व के प्रश्नों पर तीखी नोकझोंक और दिवंगत विभूतियों के सम्मान में शोक प्रस्ताव की परंपरा का शत-प्रतिशत पालन किया गया।
- विविध भूमिकाएं: विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, लोकसभा महासचिव, नेता प्रतिपक्ष और कैबिनेट मंत्रियों के दायित्वों का निर्वहन किया।
अतिथियों ने सराहा वक्तृत्व कौशल, डॉ. बालाजी चिरडे ने किया संयोजन
प्रतियोगिता के प्रमुख अतिथि शिवाजी विद्यापीठ, कोल्हापुर (ग्रुप VI) के समन्वयक प्रो. प्रल्हाद माने एवं विशिष्ट अतिथि राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विद्यापीठ के डॉ. अंबेडकर स्कूल ऑफ लॉ के निदेशक प्रो. रविशंकर मोर ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का तकनीकी मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने जिस परिपक्वता के साथ राष्ट्रीय समस्याओं को उठाया, वह प्रशंसनीय है।
अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से खादी सूतमाला, शॉल, स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। स्वागत वक्तव्य युवा संसद के मुख्य संयोजक एवं संसदीय कार्य मंत्रालय के समूह 9 समन्वयक डॉ. बालाजी चिरडे (एसोसिएट प्रोफेसर) ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन अनुवाद अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मीरा निचळे ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय कुलगीत तथा समापन राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के साथ हुआ।


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