हिंदी विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण: पोस्टर में होआंग हुओंग क्विन्ह और निबंध में श्रीयांशी सतरूपा रहीं अव्वल
वर्धा: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के शिक्षा विद्यापीठ अंतर्गत मनोविज्ञान विभाग द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में कस्तूरबा सभागार में निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इन रचनात्मक व वैचारिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सोमवार, 19 अक्टूबर को शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर द्वारा सभी विजेता छात्र-छात्राओं को पदक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
📌 मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रतियोगिता: प्रमुख बिंदु
- आयोजक: शिक्षा विद्यापीठ का मनोविज्ञान विभाग, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा।
- पोस्टर प्रतियोगिता परिणाम: होआंग हुओंग क्विन्ह ने प्रथम, तुलिका वर्मा ने द्वितीय और निकिता टेभरे ने तृतीय स्थान हासिल किया।
- निबंध प्रतियोगिता परिणाम: श्रीयांशी सतरूपा प्रथम, नेमाराम द्वितीय तथा प्रशांत कुमार सुमन व रागिनी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।
- पुरस्कार वितरण: शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर के कर-कमलों से हुआ मेधावियों का सम्मान।
- उद्देश्य: युवाओं और अकादमिक जगत में मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और संवेदनशीलता के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
📊 विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026: विजेता प्रतिभागियों की सूची
| प्रतियोगिता का नाम | स्थान / रैंक | विजेता प्रतिभागी |
|---|---|---|
| पोस्टर प्रतियोगिता (Poster) | प्रथम स्थान (First) | होआंग हुओंग क्विन्ह |
| द्वितीय स्थान (Second) | तुलिका वर्मा | |
| तृतीय स्थान (Third) | निकिता टेभरे | |
| निबंध प्रतियोगिता (Essay) | प्रथम स्थान (First) | श्रीयांशी सतरूपा |
| द्वितीय स्थान (Second) | नेमाराम | |
| तृतीय स्थान (Third - संयुक्त) | प्रशांत कुमार सुमन एवं रागिनी |
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता और रचनात्मक अभिव्यक्ति
शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर ने पुरस्कार वितरण के अवसर पर विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही मानसिक स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। विद्यार्थियों ने पोस्टर और निबंध के माध्यम से मानसिक तनाव, अवसाद से मुक्ति, आत्म-देखभाल और सकारात्मक सोच जैसे विषयों को अत्यंत गहराई से प्रस्तुत किया है।
“मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ समाज और राष्ट्र के निर्माण का आधार है। अकादमिक संस्थानों में ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का मंच प्रदान करती हैं।”
संकाय सदस्यों का रहा सक्रिय योगदान
कस्तूरबा सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने और सफल बनाने में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और परामर्शदाताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- सहायक प्रोफेसर डॉ. नवीन कुमार त्रिपाठी एवं परामर्शदाता डॉ. स्मृति त्रिपाठी ने संयोजन में मार्गदर्शन प्रदान किया।
- कार्यक्रम के आयोजन एवं मूल्यांकन में डॉ. ज्योति सावळे, सहायक प्रोफेसर डॉ. ब्रिजेश यादव और डॉ. प्रेरणा सहित अन्य शोधार्थियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।


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