काशी में दो दिवसीय ‘नमो बुक फेस्ट’ का भव्य शुभारंभ: PM नरेंद्र मोदी पर लिखी 500 से अधिक किताबों की लगी प्रदर्शनी; CM योगी और अकी आबे ने किया अवलोकन
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और संवैधानिक पदों पर 25 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में धर्मनगरी काशी स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय ‘नमो बुक फेस्ट’ का बुधवार को शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। फेस्ट में प्रधानमंत्री के जीवन, दर्शन, नीतियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर केंद्रित देश-विदेश की 500 से अधिक चुनिंदा पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया है।
📌 ‘नमो बुक फेस्ट’ के प्रमुख बिंदु:
- संवैधानिक सेवा के 25 वर्ष: 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों पर आधारित साहित्य का संकलन।
- 500+ पुस्तकों का अनूठा संग्रह: भारतीय एवं विदेशी लेखकों द्वारा पीएम मोदी के नेतृत्व, विदेश नीति, आर्थिक सुधारों और व्यक्तित्व पर लिखी गई 500 से ज्यादा किताबें प्रदर्शित।
- अकी आबे की विशेष रुचि: जापान की पूर्व प्रथम महिला अकी आबे ने पीएम मोदी के साहित्य और भारत-जापान रिश्तों से जुड़ी पुस्तकों में गहरी दिलचस्पी दिखाई।
- आयोजक: काउंसिल फॉर मीडिया एंड पब्लिक पॉलिसी रिसर्च (CMPPR) द्वारा दो दिवसीय फेस्ट का संयोजन।
📊 ‘नमो बुक फेस्ट’ 2026: एक नजर में
| विवरण पहलू | तथ्य व जानकारी |
|---|---|
| आयोजन का नाम | नमो बुक फेस्ट (Namo Book Fest) |
| आयोजन स्थल | रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, सिगरा, वाराणसी |
| अवसर / संदर्भ | पीएम नरेंद्र मोदी के संवैधानिक पदों पर 25 वर्ष पूर्ण होने का उपलक्ष्य |
| प्रदर्शित साहित्य का पैमाना | 500 से अधिक पुस्तकें (राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय लेखकों द्वारा लिखित) |
| आयोजक संस्था व नेतृत्व | काउंसिल फॉर मीडिया एंड पब्लिक पॉलिसी रिसर्च (डायरेक्टर: अशोक श्रीवास्तव) |
500 से अधिक किताबों में दिखा पीएम मोदी के 25 वर्षों का विजन
‘नमो बुक फेस्ट’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की बहुआयामी यात्रा को पुस्तकों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके प्रशासनिक नवाचारों, वाइब्रेंट गुजरात, आपदा प्रबंधन से लेकर बतौर प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत और वैश्विक कूटनीति पर लिखी गई प्रमाणिक कृतियां शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पहुंचीं जापान की पूर्व प्रथम महिला अकी आबे ने स्टॉलों पर प्रदर्शित पुस्तकों को बारीकी से देखा। विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व जापानी पीएम शिंजो आबे के घनिष्ठ संबंधों तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित पुस्तकों में उन्होंने गहरी रुचि दिखाई।
वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने किया स्वागत
फेस्ट परिसर में आगमन पर काउंसिल फॉर मीडिया एंड पब्लिक पॉलिसी रिसर्च (CMPPR) के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेशी अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया।
"यह दो दिवसीय बुक फेस्ट केवल पुस्तकों की नुमाइश नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य स्वयंसेवक से लेकर विश्व के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बनने तक के 25 वर्षों के कठोर परिश्रम, जन-कल्याणकारी नीतियों और राष्ट्र-प्रथम के संकल्प का दस्तावेजीकरण है।"


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