'बांग्लादेश की तर्ज पर रिजीम चेंज की बात करना गंभीर चिंता का विषय': लखनऊ में राहुल गांधी पर बरसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह; बोले— हाइड्रोजन बम दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ
लखनऊ: रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। राहुल गांधी के तथाकथित 'वोट चोरी' के दावों को सिरे से खारिज करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पूरे देश में जिसे ‘हाइड्रोजन बम’ बताकर सनसनी फैलाई गई थी, वह वास्तव में ‘दिवाली का फुस्स पटाखा’ भी साबित नहीं हुआ। उन्होंने चेताया कि भारत जैसे परिपक्व लोकतंत्र में बांग्लादेश की तर्ज पर 'तख्तापलट' (Regime Change) की बयानबाजी करना एक खतरनाक और चिंताजनक प्रवृत्ति है।
📌 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- 'रिजीम चेंज' की मानसिकता पर प्रहार: देश में अस्थिरता पैदा करने और संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करने के षड्यंत्र को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।
- वोट चोरी का दावा खोखला: राहुल गांधी का प्रचारित हाइड्रोजन बम आम जनमानस के सामने सामान्य पटाखा भी साबित नहीं हो सका।
- सपा के सहारे पर तंज: पूछा— क्या समाजवादी पार्टी के बैसाखी और सहयोग के बिना राहुल गांधी अपनी रायबरेली लोकसभा सीट भी जीतने का सामर्थ्य रखते हैं?
- संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान: भाजपा ने कभी चुनाव आयोग या न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर अविश्वास नहीं जताया; यही दल का लोकतांत्रिक चरित्र है।
- रक्षा उत्पादन में ऐतिहासिक छलांग: देश का रक्षा उत्पादन ₹1.80 लाख करोड़ के पार पहुंचा; भारत अब आयातक से निर्यातक राष्ट्र बना।
📊 प्रेस कॉन्फ्रेंस के प्रमुख बिंदु एवं राजनीतिक-सामरिक पक्ष
| मुद्दा / आयाम | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आधिकारिक वक्तव्य |
|---|---|
| लोकतांत्रिक मर्यादा | लोकतंत्र का अर्थ अराजकता फैलाना अथवा संवैधानिक संस्थाओं की साख गिराना नहीं है |
| 'रिजीम चेंज' विमर्श | पड़ोसी देशों (बांग्लादेश) की तर्ज पर जनमत को नकार कर सत्ता परिवर्तन की बात अस्वीकार्य |
| रायबरेली व यूपी में कांग्रेस | सपा के सहयोग के बिना राहुल गांधी के अपने दम पर जीतने की क्षमता पर प्रश्नचिह्न |
| ऐतिहासिक उदाहरण | राजीव गांधी की हत्या के बाद 1991 में पूरे देश में चुनाव स्थगित कराने के कांग्रेस के निर्णय पर सवाल |
| राष्ट्रीय रक्षा उत्पादन | स्वदेशी उत्पादन ₹1.80 लाख करोड़ के पार; वैश्विक रक्षा निर्यातक के रूप में स्थापित भारत |
'लोकतंत्र अराजकता का लाइसेंस नहीं': संस्थाओं पर आघात का विरोध
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को सख्त लहजे में नसीहत देते हुए कहा कि जनमत के निर्णय को स्वीकार करने के बजाय व्यवधान और नकारात्मकता फैलाना परिपक्व विपक्ष का काम नहीं है।
“राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को स्पष्ट रूप से समझना चाहिए कि लोकतंत्र का अर्थ अराजकता फैलाना, संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट पहुंचाना या देश की विकास यात्रा में रोड़ा अटकाना नहीं है। देश को अस्थिर करने और बांग्लादेश की तर्ज पर 'रिजीम चेंज' की बात सोचना अत्यंत चिंताजनक है। जो दल दशकों तक सत्ता में रहा, उसका यह आचरण लोकतंत्र को कमजोर करने वाला है।”
— राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री, भारत सरकार)
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का उल्लेख, कांग्रेस के इतिहास पर उठाए सवाल
सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन बनाए रखने के लिए न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्थाओं का सम्मान अपरिहार्य है।
उन्होंने कांग्रेस के इतिहास की ओर इशारा करते हुए याद दिलाया कि 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दुखद हत्या के बाद कांग्रेस सरकार ने किस प्रकार राजनीतिक लाभ के लिए देश भर के आम चुनावों को बीच में स्थगित कर दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा विपरीत परिस्थितियों में भी संस्थाओं की गरिमा के साथ खड़ी रही है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत: उत्पादन ₹1.80 लाख करोड़ के पार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के वैश्विक कद और सामरिक आत्मनिर्भरता का ब्योरा देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा:
- रक्षा निर्माण में क्रांति: देश का कुल घरेलू रक्षा उत्पादन 1.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।
- प्रमुख रक्षा निर्यातक: कभी हथियारों और रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी देशों पर पूर्णतः निर्भर रहने वाला भारत आज 90 से अधिक देशों को रक्षा साजो-सामान निर्यात कर रहा है।
- टकराव के बजाय संवाद: रक्षा मंत्री ने आह्वान किया कि देश के राजनीतिक दलों को टकराव और नकारात्मकता की राह छोड़कर संवाद और राष्ट्र निर्माण के सकारात्मक मार्ग को चुनना चाहिए।

0 टिप्पणियाँ