“रामविलास पासवान को बिहार जैसा सम्मान देगा यूपी”: छठी पुण्यतिथि पर लखनऊ में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ; राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रहे मौजूद
लखनऊ: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं दलित-शोषित समाज के प्रखर नेता स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग एन ईको रिसॉर्ट में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ऐलान किया कि रामविलास पासवान को बिहार जैसा सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान विशेष रूप से उपस्थित रहे।
📌 श्रद्धांजलि सभा के प्रमुख बिंदु:
- समान आदर का संकल्प: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामविलास पासवान के सामाजिक न्याय के संघर्ष को यूपी में भी पूरा और यथोचित सम्मान मिलेगा।
- संसदीय स्मृतियां: संसद में लंबे समय तक साथ बिताए पलों को याद कर सीएम योगी ने उनके सहज, सरल और स्नेही स्वभाव की प्रशंसा की।
- भारतीय परंपराओं में आस्था: राजनीतिक विचारधाराओं में भिन्नता के बावजूद भारतीय संस्कृति, लोक-मूल्यों और दलित उत्थान के प्रति उनकी अटूट निष्ठा थी।
- चिराग पासवान की सराहना: मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपने पिता के सामाजिक न्याय और दलित सशक्तीकरण के मिशन को पूरी मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।
- भक्तिमय वातावरण: पुष्पार्पण के बाद 'हरे राम-हरे कृष्ण' संकीर्तन से आयोजन स्थल श्रद्धा और शांति के माहौल में सराबोर हो गया।
📊 रामविलास पासवान श्रद्धांजलि सभा: एक नजर में
| पहलू / विवरण | आधिकारिक जानकारी |
|---|---|
| अवसर | पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि |
| आयोजन स्थल | दयाल बाग एन ईको रिसॉर्ट, सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ |
| मुख्य अतिथि एवं वक्ता | राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान |
| केंद्रीय संदेश | दलितों, वंचितों के हक की लड़ाई और बाबा साहब आंबेडकर के सपनों के भारत का निर्माण |
50 वर्षों का संघर्ष: दलितों और वंचितों की मुखर आवाज बने पासवान
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लगभग पांच दशक पहले बिहार की धरती से एक युवा नेता के रूप में उभरे रामविलास पासवान ने भारतीय लोकतंत्र में वंचितों की आवाज को बुलंद किया। जनता ने उन्हें अपार स्नेह देकर कई बार ऐतिहासिक मतों से संसद भेजा।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों पर चलते हुए पासवान जी ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान दिलाने का आजीवन प्रयास किया। बिहार में उनकी पुण्यतिथि राजकीय और राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जा रही है, जो उनके वृहद कद का परिचायक है।
"विचारों में मतभेद हो सकते थे, पर भारतीय परंपराओं के प्रति अटूट आस्था थी"
मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के साथ संसद में बिताए लंबे कार्यकाल को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व के अनछुए पहलुओं को उजागर किया।
"संसद में लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला। हमारे राजनीतिक विचारों में भले ही भिन्नता रही हो, लेकिन भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनके मन में गहरी श्रद्धा थी। वे जितने दृढ़ सामाजिक न्याय के प्रति थे, उतने ही सहज और सरल व्यवहार में थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में रहते हुए भी उनकी सदाशयता ने सदैव सभी का दिल जीता।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
पिता की राजनीतिक और सामाजिक विरासत को संवार रहे चिराग
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रशंसा करते हुए कहा कि रामविलास पासवान की भौतिक अनुपस्थिति के बीच यह सुखद संतोष का विषय है कि उनके सुपुत्र चिराग पासवान पिता के मिशन को उसी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल में दायित्व संभालते हुए वे देश भर में वंचितों के अधिकारों की आवाज बने हुए हैं। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में इस भव्य आयोजन के लिए चिराग पासवान का धन्यवाद ज्ञापित किया।
संकीर्तन से भक्तिमय हुआ परिसर
पुष्पांजलि अर्पित करने के उपरांत कार्यक्रम में 'हरे राम-हरे कृष्ण' महामंत्र का गायन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक और भावुक हो गया।
उपस्थित गणमान्य: इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, पासवान परिवार के सदस्य, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पदाधिकारी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में उनके समर्थक व अनुयायी उपस्थित रहे।


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