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UP फार्मेसी काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष सुनील कुमार यादव 'ग्लोबल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड साइंटिफिक रिसर्च' के एडिटोरियल बोर्ड में नियुक्त

सुनील कुमार यादव 'ग्लोबल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड साइंटिफिक रिसर्च' (GJPSR) के संपादकीय बोर्ड में शामिल: यूपी फार्मेसी काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष को मिली अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी

📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 📅 दिनांक: 02 अक्टूबर 2026 | 🔬 श्रेणी: फार्मास्युटिकल साइंस, वैज्ञानिक अनुसंधान, संपादकीय नियुक्ति व स्वास्थ्य जगत

लखनऊ: फार्मास्युटिकल एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय योगदान दे रहे चीफ फार्मेसिस्ट तथा उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष सुनील कुमार यादव को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिका 'ग्लोबल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड साइंटिफिक रिसर्च' (GJPSR) के संपादकीय बोर्ड (Editorial Board) का सदस्य नियुक्त किया गया है। श्रीमती विद्यादेवी एजुकेशनल ट्रस्ट के तत्वावधान में प्रकाशित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय जर्नल ने उनके पेशेवर अनुभव और शोध प्रोत्साहन के प्रति निष्ठा को देखते हुए यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है।

📌 नियुक्ति के मुख्य बिंदु:

  • अंतरराष्ट्रीय पटल पर चयन: 'ग्लोबल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड साइंटिफिक रिसर्च' (GJPSR) के संपादकीय बोर्ड में मिली जगह।
  • कार्यकाल: यह मनोनयन 02 अक्टूबर 2026 से 02 अक्टूबर 2027 तक के 1 वर्षीय सत्र के लिए प्रभावी रहेगा।
  • लेखक के रूप में पहचान: श्री यादव की अब तक 4 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं; बेसिक लाइफ सपोर्ट पर केंद्रित पुस्तक ‘साथी हाथ बढ़ाना’ वर्तमान में विशेष रूप से चर्चित है।
  • जिम्मेदारी का दायरा: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शोध पत्रों की समीक्षा (Peer Review), संपादकीय गुणवत्ता और वैज्ञानिक शुद्धता का पर्यवेक्षण।
  • शोध प्रपत्र आमंत्रण: फार्मास्युटिकल एवं विज्ञान शोधार्थी अपने शोध पत्र संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट www.gjpsr.com पर प्रेषित कर सकते हैं।

📊 संपादकीय मनोनयन: एक नजर में

प्रमुख पहलू विवरण
नियुक्त विशेषज्ञ सुनील कुमार यादव (चीफ फार्मेसिस्ट व पूर्व अध्यक्ष, UP फार्मेसी काउंसिल)
पदनाम / दायित्व संपादकीय बोर्ड सदस्य (Editorial Board Member)
जर्नल का नाम ग्लोबल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड साइंटिफिक रिसर्च (GJPSR)
प्रकाशन संस्था श्रीमती विद्यादेवी एजुकेशनल ट्रस्ट
कार्यकाल अवधि 02 अक्टूबर 2026 से 02 अक्टूबर 2027 (सत्र 2026-27)

"गुणवत्तापूर्ण शोध और वैज्ञानिक मानकों को बनाए रखना प्राथमिकता": सुनील कुमार यादव

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए सुनील कुमार यादव ने जर्नल प्रबंधन और संपादकीय नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।

"ग्लोबल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड साइंटिफिक रिसर्च (GJPSR) का हिस्सा बनना मेरे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है। इस अवसर के माध्यम से फार्मास्युटिकल विज्ञान में वैज्ञानिक अनुसंधान, शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशन के मानकों को बनाए रखने में अपना योगदान देने के लिए मैं पूरी तरह प्रतिबद्ध हूँ। मुझ पर यह विश्वास जताने के लिए मैं GJPSR प्रबंधन एवं विशेष रूप से एडिटर इन चीफ डॉ. विमल कुमार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।"
— सुनील कुमार यादव

शैक्षणिक योगदान और चर्चित पुस्तक 'साथी हाथ बढ़ाना'

सुनील कुमार यादव केवल प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि शैक्षणिक व शोध जगत में भी उनका दखल रहा है। वे फार्मास्युटिकल साइंस के कई अन्य प्रतिष्ठित जर्नल्स में भी संपादकीय बोर्ड के सक्रिय सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इसके अलावा, वे एक प्रख्यात लेखक भी हैं और उनकी अब तक 4 ज्ञानवर्धक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आपातकालीन स्वास्थ्य सुरक्षा एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) के सिद्धांतों पर आधारित उनकी हालिया पुस्तक ‘साथी हाथ बढ़ाना’ इन दिनों चिकित्सा एवं पैरामेडिकल हलकों में काफी सराही जा रही है।

शोधार्थियों के लिए शोध प्रपत्र भेजने की व्यवस्था

संपादकीय बोर्ड के सदस्य के रूप में श्री यादव शोध पत्रों की गहन वैज्ञानिक समीक्षा (Peer-Review Process) और प्रकाशन की नैतिकता का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। फार्मेसी, मेडिसिनल केमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और संबंधित विज्ञान विषयों के शोधार्थी अपने मौलिक शोध पत्र समीक्षा एवं प्रकाशन हेतु संस्थान के आधिकारिक वेब पोर्टल www.gjpsr.com के माध्यम से ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।

बधाई का दौर: सुनील कुमार यादव के अंतरराष्ट्रीय संपादकीय बोर्ड में मनोनीत होने पर फार्मेसी काउंसिल के पदाधिकारियों, चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

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